CSR निवेश का असर: अवादा फाउंडेशन के सहयोग से बादनू की बेटियां राष्ट्रीय क्रिकेट मंच तक पहुंचीं

बीकानेर। कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के माध्यम से खेल एवं शिक्षा क्षेत्र में किए जा रहे निवेश का सकारात्मक प्रभाव बीकानेर जिले के बादनू गांव में देखने को मिला है। अवादा फाउंडेशन के सहयोग से महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय, बादनू की बालिका क्रिकेट खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।
अवादा फाउंडेशन पिछले दो वर्षों से विद्यालय की अंडर-17 एवं अंडर-19 बालिका क्रिकेट टीमों को खेल संसाधन, प्रशिक्षण सहयोग, पोषण, यात्रा, आवास, प्रतियोगिता भागीदारी और शिक्षा संबंधी सहायता उपलब्ध करा रहा है। फाउंडेशन ने इस सहयोग को तीसरे वर्ष के लिए भी जारी रखा है।
फाउंडेशन की सहायता से अंडर-17 वर्ग की सात खिलाड़ियों ने बीकानेर टीम को 69वीं राजस्थान राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता में चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम की खिलाड़ी कंचन ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत पदक जीतने वाली टीम का हिस्सा बनने का गौरव हासिल किया।
अंडर-19 वर्ग में भी विद्यालय की छह खिलाड़ियों ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन किया। टीम उपविजेता रही और राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयनित हुई। खिलाड़ी सरिता को टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज घोषित किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर संगीता ने कांस्य तथा कंचन ने रजत पदक प्राप्त किया।
ग्रामीण क्षेत्र की खिलाड़ियों के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि विद्यालय की पांच खिलाड़ियों को महिला प्रीमियर लीग (WPL) की टीम दिल्ली कैपिटल्स के नेट बॉलिंग ट्रायल में भाग लेने का अवसर मिला। इससे खिलाड़ियों को पेशेवर क्रिकेट प्रणाली और उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा का अनुभव प्राप्त हुआ।
अवादा ग्रुप के चेयरमैन विनीत मित्तल ने कहा कि खेल क्षेत्र में किया गया निवेश केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे सामाजिक बदलाव, महिला सशक्तिकरण और आत्मविश्वास का विकास होता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण प्रतिभाओं को अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने से वे राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
अवादा फाउंडेशन की डायरेक्टर एवं सीएसआर हेड रितु पटवारी ने कहा कि बादनू की खिलाड़ियों की सफलता यह दर्शाती है कि सही सहयोग मिलने पर ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां भी बड़े खेल मंचों तक पहुंच सकती हैं। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन का उद्देश्य खेल और शिक्षा के माध्यम से दीर्घकालिक सामाजिक परिवर्तन को गति देना है।
खेल एवं शिक्षा में CSR की बढ़ती भूमिका
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेल अवसंरचना और प्रशिक्षण सुविधाओं की कमी प्रतिभाओं के विकास में बड़ी बाधा है। ऐसे में कॉर्पोरेट क्षेत्र द्वारा CSR के माध्यम से किया जा रहा निवेश खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बादनू का उदाहरण दर्शाता है कि लक्षित सामाजिक निवेश से ग्रामीण खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर मिल सकता है।
अवादा फाउंडेशन का सामाजिक प्रभाव
अवादा फाउंडेशन, अवादा ग्रुप की सामाजिक प्रभाव इकाई है, जो शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और स्वास्थ्य क्षेत्रों में कार्यरत है। फाउंडेशन के अनुसार उसके कार्यक्रमों के माध्यम से देशभर में 3 लाख से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा सहायता, 20 हजार से अधिक महिलाओं को कौशल एवं आजीविका समर्थन, 2 लाख से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ तथा 1.14 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया गया है।

