UNCCD Pre-COP 17 में केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने किया “प्रकृति के प्रहरी 2.0” ईको इनोवेशन वीडियो प्रतियोगिता के पोस्टर का विमोचन
बीकानेर। संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम अभिसमय (UNCCD) के Pre-COP 17 कार्यक्रम के दौरान अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के पर्यावरण जागरूकता अभियान के अंतर्गत आयोजित “प्रकृति के प्रहरी 2.0 – Eco Innovation Video Competition” के पोस्टर का केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के करकमलों से भव्य विमोचन किया गया।

यह प्रतियोगिता अणुव्रत विश्व भारती सोसायटी के अध्यक्ष प्रताप सिंह दूगड़ के नेतृत्व में संचालित की जा रही है। कार्यक्रम में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के मरुस्थलीकरण प्रकोष्ठ के डीआईजी प्रशांत राजगोपाल, राजस्थान के अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक के.सी. अरुण प्रसाद, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम. मोहपत्र, अत्रि के निदेशक डॉ. अबी टी. वानक, प्रो. एस.के. भनौत, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ एरिड हॉर्टिकल्चर के निदेशक डॉ. जगदीश राणे, भारतीय मौसम विभाग के निदेशक डॉ. पंकज कौशल, अरिड फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट के डॉ. आशुतोष त्रिपाठी, इसरो के वैज्ञानिक मनीष परमार, डब्ल्यूआईआई की जलवायु अनुकूलन वैज्ञानिक डॉ. सुतीर्था दत्ता, आईजीएनपी के मुख्य अभियंता विवेक गोयल, प्राणी विशेषज्ञ विभागाध्यक्ष प्रताप कटारिया सहित देशभर से आए अनेक वैज्ञानिक, पर्यावरणविद् एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में पर्यावरण जागरूकता अभियान की राष्ट्रीय संयोजिका डॉ. नीलम जैन ने बताया कि “प्रकृति के प्रहरी 2.0” का उद्देश्य विद्यार्थियों, युवाओं, शोधकर्ताओं, नवप्रवर्तकों तथा आम नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के लिए नवाचार आधारित, व्यावहारिक एवं समाधानमुखी विचार प्रस्तुत करने हेतु प्रेरित करना है।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में प्रतिभागी जल संरक्षण, वृक्ष संरक्षण एवं वृक्षों की सर्वाइवल, जैव विविधता संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन, प्लास्टिक के विकल्प, ऊर्जा संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, सतत जीवनशैली, हरित तकनीक तथा अन्य पर्यावरणीय नवाचारों पर आधारित लघु वीडियो प्रस्तुत कर सकेंगे।
प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार ₹21,000, द्वितीय पुरस्कार ₹11,000, तृतीय पुरस्कार ₹5,100, 10 सांत्वना पुरस्कार ₹1,100-₹1,100 तथा कई विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे। साथ ही सभी पात्र प्रतिभागियों को ई-प्रमाणपत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
कार्यक्रम में उपस्थित वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने जनभागीदारी और नवाचार आधारित पर्यावरण अभियानों की आवश्यकता पर बल देते हुए “प्रकृति के प्रहरी 2.0” ईको इनोवेशन वीडियो प्रतियोगिता की सराहना की तथा इसे पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में जागरूकता और सहभागिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

