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अनुनादी तरंगें बनेगी कोरोना की काल : बीकानेर के पुष्पेंद्र का आइडिया एमएचआरडी और एसआईटी ने किया शॉर्टलिस्ट

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बीकानेर। बीकानेर के इंजीनियरिंग कॉलेज से बी टेक कर चुके पुष्पेन्द्र राज पुरोहित का आइडिया एमएचआरडी और एसआईटी ने शॉर्टलिस्ट किया है। यदि पुष्पेन्द्र का यह आइडिया सफल होता है तो अनुनादी तरंगें कोरोना का काल बन जाएगी। बता दें कि विश्वव्यापी कोरोना महामारी से उत्पन्न समस्याओं से लड़ने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्रतियोगिता ‘समाधान’ में 14 अप्रैल तक आईडिया मांगे गए थे । 18 अप्रैल को परिणामों की घोषणा मानव संसाधन विकास मंत्रालय की इन्नोवेशन सेल की वेबसाइट पर की गई। इसमें अभियांत्रिकी महाविद्यालय बीकानेर के इलेक्ट्रॉनिक इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल विभाग के पूर्व छात्र पुष्पेंद्र राजपुरोहित का चयन हुआ। पुष्पेंद्र राजपुरोहित ने बताया कि आयोजकों द्वारा अगले चरण के लिए आईडिया का वीडियो आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर अपलोड कर दिया गया है जिस पर 22 अप्रैल की शाम 5 बजे तक वोटिंग होगी। ईसीबी प्राचार्य जयप्रकाश भामू ने बताया की पुष्पेंद्र राजपुरोहित का आईडिया कोरोना महामारी का समुदाय के स्तर पर संक्रमण को फैलने से रोकने का एक प्रभावी उपाय है। जिसके परीक्षण के उपरांत सफल होने पर एक काम लागत की डिवाइस बनाकर हॉस्पिटल, क्वारंटाइन सेंटर एवं सार्वजनिक स्थानों पर इंस्टालेशन किया जाएगा। यह डिवाइस विशेष अनुनादी तरंगों द्वारा वातावरण में मौजूद कोरोना वायरस का बाहरी कवच कुछ ही क्षणों में तोड़ देगा जिस से वायरस संक्रमण फैलाने में अक्षम हो जाएगा।

इनका कहना है- कोविड-19 पेनेडमिक में लड़ने के लिए एमएचआरडी और एसआईटी ने मेरा आइडिया शॉर्टलिस्ट किया है मैंने एक लो कॉस्ट डिवाइस का प्रारूप तैयार किया है। जो की अनुनादी तरंगों पर आधारित है। सारे एक्सपेरिमेंट सक्सेसफुल होने के बाद इसको काम में लाया जा सकेगा। यह डिवाइस वातावरण में मौजूद सभी कोरोनावायरस को सेटर कर देगा। जिससे पेनडर्म का कम्युनल लेवल पर स्प्रेड रुक जाएगा। इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर के इलेक्ट्रॉनिक इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट से मैने अपनी बी टेक कम्पलीट की है। मेरा विशेष रूप से दिनेश सुथार सर, राहुल राज चौधरी सर, डॉक्टर जेपी भाम्भू सर, अल्केश पुरोहित सर, आदित्य मालपानी बाॅस एंड कुलदीप बॉस का धन्यवाद करना चाहूंगा जिन्होंने मुझे सपोर्ट किया। पुष्पेंद्र राजपुरोहित

‘वर्ष 2011 में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा एआई ट्रिपल ई के माध्यम से मेरे संस्थान के छात्र पुष्पेंद्र राज पुरोहित का 12वीं के साथ ईसीबी में चयन हुआ। करीब साल 2016 में पुष्पेंद्र ने स्वयं एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाया जो भूमिगत खानों के धंसने की सूचना पूर्व में ही दे देता है। जिससे सैकड़ों लोगों की जान का खतरा डाला जा सकता है। मुझे पुष्पेंद्र पर गर्व है और उम्मीद करता हूं कि उसका यह आईडिया इस वैश्विक महामारी कोविड-19 से निपटने में कारगर साबित होगा।’
अलकेश पुरोहित, अकादमिक निदेशक, साइंस जोन, मुरलीधर व्यास कॉलोनी, बीकानेर

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