कोेरोना और कर्फ्यू के बीच दम तोड़ता होटल कारोबार Hotel business collapses between Corona and curfew

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– पहली बार शून्य रही नववर्ष की बुकिंग
बीकानेर। बीकानेर में कोरोना वायरस और सरकार की पाबंदियों के बीच होटल कारोबार दम तोड़ता नजर आ रहा है। पहले लम्बे चले लाॅकडाउन ने जहां होटल उद्योग को खासा नुकसान पहुंचाया। वहीं अब तरह तरह की पाबंदियों ने चिंता में डाल दिया हैं। कारोबारियों के अनुसार इस साल बीकानेर के होटल उद्योग ( #hotelindustries ) को करीब 350 से 400 करोड़ रूपए का नुकसान हुआ है। वहीं नववर्ष पर सैलानियों के आगमन के साथ बड़ी बुकिंग की उम्मीद लगाए बैठे इस उद्योग को निराशा ही झेलनी पड़ी। इसकी वजह यह है कि प्रशासन ने कोरोना संक्रमण के चलते होटलों में नये साल के जश्न आदि की मनाही कर दी। इस पाबंदी ने होटल कारोबारियों को बड़ा झटका दिया है। जहां हर साल 31 दिसम्बर को सभी होटलों में कमरे बुक हो जाते थे वहीं इस बार होटले वीरान पड़ी हैं। जोमेटों जैसी ऑनलाइन सर्विस देने वाली कम्पनियां से भी नुकसान हुआ है। कारोबारियों के अनुसार इस नुकसान की भरपाई की अब कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही। सरकार की ओर से कोई सहायता नहीं मिली। कारोबारियों का कहना है कि बड़ी होटलों ने छूट देकर मिडिल होटलों के बराबर किराया कर दिया। ऐसे में कस्टमर बड़ी होटलों में जाना पसंद करेंगे जिससे मिडिल लेवल की होटलों को खासा नुकसान पहुंचा है। हालात यह हैं कि केवल होटल व्यवसाय पर जिंदा नहीं रह सकते हैं। इसके सामान्तर कारोबार हो तो ही सरवाइव कर पाएंगे। कारोबारियों का कहना है कि होटल उद्योग के लिए यह सदी का सबसे खराब साल रहा है।

होटल कारोबारियों का कहना है-

बीकानेर के होटल उद्योग उत्थान संस्थान के सचिव प्रकाश औझा का कहना है कि होटलों में लगभग शून्य बुकिंग के हालात हैं। मिडिल व अपर मिडिल क्लास में तो बुकिंग नहीं है, लेकिन कुछ बड़े होटल्स में कुछ बुकिंग्स हैं। पिछले और इस साल की बुकिंग में कोई तुलना ही नहीं है। इस बार पूरा ही नुकसान है। कोरोना में होटल जितने बर्बाद हुए हैं उतना कोई नहीं हुआ है। लोग ऑनलाइन ऑर्डर कर रहे हैं और घरों में ही जश्न मना रहे हैं। ऐसे में लोग हमारे पास क्यों आएंगे। रोजगार का नुकसान हुआ है। तीस फीसदी जरूरी स्टाफ ही रखना पड़ रहा है। सरकार की ओर से भी कोई राहत नहीं मिली। न तो नगर निगम के टैक्स की छूट मिली और न ही बिजली बिल में कोई राहत मिली।
रानीबाजार स्थित होटल मरूधर पैलेस के प्रमुख राजेश चांडक का कहना है कि नये साल की पार्टियां सिटी की बजाय आउटर एरिया की होटलों में ज्यादा होती हैं। उनकों ज्यादा फर्क पड़ा है। इस बार न्यू ईयर पर सरकार की ओर से पार्टी करने का प्रतिबंध है। शाम को कफ्र्यू लग जाएगा। लाख रूपए की सेल प्रभावित हुई । पिछले साल की तुलना करें तो करीब 200-250 लोग जो खाने के लिए आते हैं वे इस बार बिल्कुल नहीं है। आगे की गाइडलाइन क्लियर नहीं इसलिए बुकिंग को लेकर कुछ नहीं कह सकते हैं। पिछले सावे में शादियों की बुकिंग कैंसिल होने से भी नुकसान हुआ है।
श्रीगंगानगर रोड स्थित होटल सागर के प्रमुख प्रेमचंद अग्रवाल का कहना है कि इस बार न्यू ईयर बोल के कोई बुकिंग नहीं है जबकि पिछले साल बहुत जोरदार बुकिंग थी। पिछले साल तो होटले सारी पैक थीं। कमरे खाली ही नहीं थे और बड़ी संख्या में पार्टियां थी। इस साल एक भी बुकिंग नहीं है। आठ बजे के बाद कर्फ्यू है। इससे भी फर्क पड़ा है। नया साल घर पर ही मनाओ। एक बड़ी होटल को 30 से 40 लाख का नुकसान मानकर चलते हैं।

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