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लम्बी ठिठुरन के अभाव में कांपी गजक पापड़ी की सेल

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बीकानेर। तिल गुड़ से बनी गजक पापड़ी खाने में जितनी जायकेदार होती है उतनी ही हेल्थ के लिए काफी फायदेमंद होती है। खासकर तेज सर्दी में तिल व गुड़ शरीर को गर्म रखने में सहयोगी होते हैं। यही वजह है कि कड़ाके की सर्दी में गजक पापड़ी की सेल में जबरदस्त इजाफा होने लगता है, लेकिन इस बार बाजार मे ऐसी ग्राहकी देखने को नहीं मिल रही है। इस बार कड़ाके सर्दी की अवधि बहुत कम रही। कारोबारियों के अनुसार सर्दी की अवधि कम रहने से सेल परवान नहीं चढ़ पा रही है। दूसरा कारण कारोबारियों ने रॉ मैटेरियल के भावों में तेजी होना भी बताया है। इस स्थिति से भी सेल डाउन रही है।

जिम्मेदार है सभी कारण
कारोबारियों का कहना है कि कोरोना के बाद अब गजक पापड़ी के कारीगर स्वयं फैक्ट्रियां लगाने लग गए हैं। इससे भी फर्म की सेल पर फर्क आ रहा है। पहले माह में जहां एक हजार किलो माल उठता था वह अब महज 600 से 700 किलो ही निकल रहा है। इसके लिए सभी कारण जिम्मेदार है।

जावत्री जायफल का जायका बना पसंद
कारोबारियों का कहना है कि इस बार खस्ता गजक सर्वाधिक पसंद की जा रही है। वहीं जावत्री जायफल युक्त मसाला गजक का शानदार रेस्पोंस आ रहा है। यह लजीज जायके के साथ खाने में बेहद सॉफ्ट है। यानि जिनके दांत नहीं होते उनके लिए तो बेहद सुविधाजनक है। अभी बाजार में इसके 520 प्रति किलो के भाव चल रहे हैं। इनके बाद पंजाबी गांठिया, देशी घी की गोटा पापड़ी व गुड़ से बनी सुपर खस्ता पापड़ी अच्छा बाजार बना रही है। कुछ समय पहले तिल के हार्ड लड्डू आते थे, लेकिन इस बार ये सॉफ्ट वर्जन में बाजार में आए हैं जो हाथ से ही आसानी से टूट जाते हैं। इसकी 160 रूपए में आधा किलो पैकिंग आती है।

होलसेल भावों की फैक्ट फाइल
मूंगफली गजक 200, खस्ता गजक 320, रोल गजक 360, तिल पापड़ी 280, पंजाबी गांठिया 280, तिल लड्डू व डंडा गजक 280, गुलाब रेवड़ी 160, देशी घी युक्त मूंगफली गजक 300 रूपए है। सभी भाव रूपए प्रति किलो में है।

कारोबारियों का कहना है-
गुड़, मूंगफली व तिल के भाव पिछले साल के मुकाबले 20 प्रतिशत महंगे हो गए हैं। इससे तैयार माल की सेल 40 प्रतिशत डाउन चल रही है। हमारे उत्पादों का शाम 7 बजे बाद ही मार्केट शुरू होता है और कोरोना के बाद नाइट मार्केट खत्म ही हो गया है।
जेठमल रामावत, भगवती ज्यूस, जस्सूसर गेट के बाहर

अभी बाजार सुस्त है। सर्दी रूटिन में बराबर नहीं चल रही है। रिटेल में सेल 50 प्रतिशत डाउन चल रही है। इसके अलावा पब्लिक में कोरोना का फिर से खौंफ हो गया है, उन्हें लगता है कि कहीं फिर से लॉकडाउन न लग जाए। इससे वे खर्चा करने से बच रहे हैं। मूंगफली व तिल में तेजी से गजक पापड़ी 20 से 30 रूपए किलो महंगी हो गई है। कोरोना के बाद ग्राहक स्चयं के उपभोग के लिए समझौता करने लगा है, लेकिन लेने देने के लिए प्रतिष्ठत फर्म से ही माल खरीद करता है। इसलिए मकर सक्रांति का सीजन अच्छा रहने की उम्मीद है।
भैरूंदान तंवर, नेमजी माली, भुजिया बाजार

मार्केट थोड़ा ठीक है, लेकिन पिछले साल के बराबर ही है। कुछ भावों के बढ़ने से सेल स्थिर है। मकर सक्रांति को लेकर जरूर ग्राहकों में उत्साह है और डिमांड भी बनी हुई है।
रविन्द्र जोशी, जोशी मिश्री भंडार, जोशीवाड़ा

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