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फज़ी लॉजिक में नए शोधार्थियों के लिए करियर की असीम संभावनाएं हैं – डॉ अजॉय पालित

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सीरी में कंप्‍यूटेश्‍नल इन्‍टेलिजेन्‍स पर आयोजित आमंत्रित व्‍याख्‍यान में वैज्ञानिकों और शोधार्थियों से की चर्चा

पिलानी। आजादी के अमृत महोत्‍सव कार्यक्रमों की शृंखला के अंतर्गत सीएसआईआर-सीरी में वैज्ञानिकों एवं शोधार्थियों के लाभार्थ कंप्‍यूटेश्‍नल इंटेलिजेन्‍स जैसे महत्‍वपूर्ण विषय पर यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रेमेन, जर्मनी के डॉ (इंजी) अजॉय कुमार पालित के आमंत्रित व्‍याख्‍यान का आयोजन किया गया। व्‍याख्‍यान में उन्‍होंने कंप्‍यूटेश्‍नल इन्‍टेलिजेन्‍स पर चर्चा करते हुए उपस्थित शोधार्थियों के समक्ष फ़ज़ी लॉजिक के अनुप्रयोगों पर प्रकाश डाला तथा इसे नए शोधार्थियों के लिए शोध करियर के लिए अत्‍यंत उपयोगी बताया। अपने विस्‍तृत व्‍याख्‍यान में उन्‍होंने बताया कि फज़ी लॉजिक जैसे विषय व्‍यापक संभावनाओं वाले हैं। इस पर प्रकाश डालते हुए हुए उन्‍होंने कहा कि रक्षा, ऐरोस्‍पेस, इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स, वाणिज्‍य, ऑटोमोबाइल, पैटर्न रेकग्निशन सहित विनिर्माण, परिवहन, हेल्‍थकेयर, रोग निदान आदि में इसके व्‍यापक अनुप्रयोग हैं।

सीएसआईआर-सीरी के निदेशक डॉ पी सी पंचारिया ने अपने स्‍वागत संबोधन में सभी सहकर्मियों एवं शोधार्थियों को डॉ पालित का औपचारिक परिचय दिया और उनके साथ अपने जर्मनी प्रवास के दौरान कुछ अनुभव साझा किए। उन्‍होंने संस्‍थान का निमंत्रण स्‍वीकार करने और अपने व्‍याख्‍यान से संस्‍थान के सहकर्मियों को लाभान्वित करने के लिए डॉ पालित को धन्‍यवाद दिया। डॉ पंचारिया ने आमंत्रित वक्‍ता को स्‍मृति चिह्न भेंट कर सम्‍मानित किया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रधान वैज्ञानिक प्रमोद कुमार ने अतिथि का स्‍वागत किया और कार्यक्रम की पृष्‍ठभूमि पर प्रकाश डाला। अंत में वैज्ञानिक डॉ विजय चटर्जी ने धन्‍यवाद ज्ञापित किया।

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