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… तो कैसे आएंगे निवेशक

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सीधे एयर कनेक्टिविटी के अभाव में उद्यमी बदल लेते हैं मानसिकता

बीकानेर। बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया, नरेश मित्तल एवं दिलीप रंगा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम का पत्र जिला कलेक्टर नमित के मार्फत भिजवाया है। इसमें उन्होंने बीकानेर में इन्वेस्टमेंट के नए आयाम स्थापना एवं सर्वांगीण विकास के लिए कोटा की तर्ज पर 58.18 हेक्टेयर भूमि निशुल्क उपलब्ध करवाकर हवाई सेवा विस्तार करवाने की बात कही है।

पत्र में बताया गया कि वर्तमान में राज्य सरकार द्वारा भारत देश के अलग अलग हिस्सों में अपने कारोबार के कारण ख्यातनाम प्रवासी भारतीय तथा प्रवासी राजस्थानी इन्वेस्टरों से राजस्थान में नए उद्योग धंधे लगाने के लिए इन्वेस्टर समिट कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। राज्य सरकार के आह्वान पर भारत के अनेक क्षेत्रों से कारोबारियों का समूह इन कार्यक्रमों में हिस्सा लेगा, लेकिन यह आयोजन राजस्थान के उन्हीं शहरों में सफलतापूर्वक फलीभूत हो पाएगा जहां वर्तमान में बेहतर हवाई सेवा की व्यवस्था होगी। इसी कड़ी में माह दिसंबर में इन्वेस्टर समिट राजस्थान राज्य के बीकानेर शहर में भी आयोजित किया जाना है। यदि राज्य सरकार द्वारा दिसंबर माह में हवाई सेवा विस्तार को लेकर निशुल्क भूमि उपलब्ध करवाने की घोषणा की जाती है तो भविष्य के लिए प्रवासी भारतीय, प्रवासी राजस्थानी इन्वेस्टर्स एवं भामाशाह बीकानेर में इन्वेस्ट और सामाजिक सरोकार के कार्य करने हेतु आश्वस्त हो जाएंगे। वर्तमान में पूरे संभाग में हवाई यात्रा हेतु बीकानेर में नाल एयरपोर्ट है जिसमें भी केवल वर्तमान में दिल्ली के लिए केवल मात्र एक छोटी विमान सेवा है। वर्तमान व्यवस्थाओं को देखते हुए बीकानेर से कोलकात्ता, गुवाहटी, बेंगलूरू व मुंबई जैसे महानगरों के लिए हवाई सेवाओं की नितांत आवश्यकता महसूस की जा रही है क्योंकि बीकानेर संभाग के औद्योगिक व व्यापारिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को अपने व्यापार के सिलसिले में मुंबई, कोलकात्ता, गुवाहटी व बेंगलुरु आना- जाना रहता है | बीकानेर में गेस पाइप लाइन भी स्वीकृत हो चुकी है और बीकानेर में बड़ी कम्पनियों के भी निवेश करने के भरपूर आसार है और गजनेर औद्योगिक क्षेत्र का आवंटन भी लगभग अपनी चरम सीमा पर है और साथ ही बीकानेर में अनेक ऐसे नए रिसोर्ट भी बन चुके हैं जो अन्य राज्य के लोगों को शादी विवाह समारोह के लिए अपनी और आकर्षित करने का सामर्थ्य बनाए हुए है और बीकानेर में पर्यटकों हेतु भी अनेक ऐसे एतिहासिक स्थल है जो आकर्षण का मुख्य केंद्र है | बीकानेर में निवेश एवं सामाजिक सरोकार के कार्य व्यापारी, उद्यमी व भामाशाहों द्वारा इच्छित रहता है लेकिन एयर कनेक्टिविटी के आभाव के कारण व्यापारी, उद्यमी व भामाशाह अपनी मानसिकता बदल लेते हैं | उपरोक्त महानगरों की कनेक्टिविटी हेतु पर्याप्त भूमि भी उपलब्ध नहीं है और इसके लिए एयरपोर्ट ऑथोरिटी द्वारा नाल एयरपोर्ट से सटती 58.18 हेक्टेयर भूमि कोटा की तर्ज पर राज्य सरकार द्वारा निशुल्क दे दी जाती है तो एयरपोर्ट ऑथोरिटी द्वारा आधारभूत सरंचनाओं की स्थापना कर बीकानेर को महानगरों से कनेक्ट किया जा सकेगा।

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