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वेस्ट मैटेरियल को उपयोगी बनाने पर ध्यान देना आवश्यक – प्रो. विद्यार्थी

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ईसीबी में “प्रोडक्ट डिजाइन एवं प्रोटोटाइप डवलपमेंट” विषयक पांच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आगा

कार्यक्रम से मिलेगा देश के 200 शिक्षकों को प्रशिक्षण

बीकानेर । अभियांत्रिकी महाविद्यालय बीकानेर के इलेक्ट्रॉनिक इंस्ट्रूमेंटेशन विभाग द्वारा तथा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित अटल अकादमी योजना के “प्रोडक्ट डिजाइन एवं प्रोटोटाइप डवलपमेंट” विषयक पांच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अम्बरीश शरण विद्यार्थी के मुख्य आथित्य में आगाज हुआ। प्रो. विद्यार्थी ने प्रोडक्ट डिजाइन में सस्टेनेबिलिटी, उत्पाद की प्रासंगिकता और वेस्ट मैटेरियल को उपयोगी बनाने पर बल देने की जरूररत पर जोर दिया। कार्यक्रम के समन्वयक डा. राहुल राज चौधरी कार्यशाला कि विषयवस्तु, विशेषज्ञों का परिचय करवाते हए बताया कि इस कार्यक्रम में देश भर के करीब दो सौ शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है । इन प्रतिभागियों को कार्यक्रम समापन पर होने वाली परीक्षा को उत्तीर्ण करने पर एआईसीटीई दिल्ली द्वारा ऑनलाइन प्रशिक्षण पत्र दिए जाएंगे।

कुलपति प्रो. अम्बरीश शरण विद्यार्थी व प्रो राजेंद्र कुमार कर्वा ने उत्पाद डिजाइन को आम आदमी की जरूरतों पर केंद्रित करने तथा मूल्यपरक उत्पादों के डिजाइन तथा निर्माण पर जोर दिया। प्रो कर्वा के अनुसार उत्पाद विश्वसनीय के साथ साथ पर्यावरण अनुकूल होना ही चाहिए। प्राचार्य डा जे.पी. भामू के अनुसार ईसीबी के इंस्ट्रूमेंटेशन विभाग द्वारा प्रोडक्ट डवलपमेंट तथा इन्नोवेशन में उल्लेखनीय कार्य एवं छात्रों को इस क्षेत्र में प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रशंसा की तथा इसे छात्र तथा समाजोपयोगी बताते हुए आगे जारी रखने का सुझाव दिया। संस्थान के रजिस्ट्रार डा मनोज कुडी ने इन्नोवेशन एवं प्रोडक्ट डवलपमेंट को राष्ट्रीय जरूरत बताते हुए इससे लघु एवं मध्यम स्तर के उद्योगों को अत्यधिक लाभ मिलेगा।

प्रथम दिन के प्रथम सेशन मे एमबीएम इंजीनियरिंग कालेज जोधपुर पूर्व विभागाध्यक्ष व मशीन डिजाइन एवम थर्मल इंजीनियरिंग के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ प्रो. राजेंद्र कुमार कर्वा प्रोडक्ट डिजाइन एवम डवलपमेंट की शुरूआती जानकारी के साथ डिजाइन प्रक्रिया शुरू करने से पूर्व ही लिये जाने वाले संवेदंशील निर्णयों तथा ओप्टीमाइजेशन की जरूरत पर जोर दिया।

दूसरे सत्र में आईआईटी रूडकी के प्रो ए.के. शर्मा ने प्रोडक्ट डवलपमेंट की विभिन्न स्टेजेज की जानकारी के साथ उपभोक्ता आधारित उत्पाद प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा की। उत्पाद विनिर्माण के विभिन्न चरणो मे जरूरी प्रोसेस की जानकारी दी। प्रथम दिन के अंतिम सत्र में एमएनआईटी के प्रो हरलाल सिह माली डिजाइन ने उत्पाद डिजाइन के लिये एक अलग तरीके, उपभोक्ता की मनोस्थिति के अनुसार संवेदनशीलता के साथ सोचने पर बल दिया। इस नये कोंसेप्ट डिजाइन थिंकिंग के बल पर जयपुर के डाक्टर पी.के. सेठी ने जयपुर फुट के विकास के उदाहरण को समझाते हुए डिजाइन थिंकिंग की प्रोडक्ट डवलपमेंट मे महत्वता पर अपना व्याख्यान दिया।

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