गर्भ-निरोधक अंतरा इंजेक्शन के लिए प्रशिक्षण आयोजित

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बीकानेर, 4 दिसम्बर। दो बच्चों में अंतर के लिए रोज-रोज गर्भनिरोधक उपयोग के बजाय 3 माह में एक बार इन्जेक्टेबल कॉन्ट्रासेप्टिव (अंतरा) इंजेक्शन योग्य दम्पतियों की पसंद बन रहा है। इसके लाभ अधिकाधिक योग्य दम्पत्तियों को दिलाना और सेवा की गुणवत्ता बनाए रखना परिवार कल्याण कार्यक्रम के प्रमख लक्ष्यों में शामिल है। शुक्रवार को इस सन्दर्भ में चिकित्साधिकारियों के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण स्वास्थ्य भवन सभागार में आयोजित किया गया। उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (परिवार कल्याण) डॉ. योगेन्द्र तनेजा ने बताया कि अंतरा इंजेक्शन 18 वर्ष से लेकर 45 की उम्र तक किसी भी महिला को डॉक्टर द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कर शुरू किया जा सकता है। बाद की डोज नर्सिंग स्टाफ या आयुष चिकित्सक द्वारा भी दी जा सकती है।
मुख्य प्रशिक्षक स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ मूलचंद खीचड़ ने अंतरा इंजेक्शन लगाने से पूर्व लाभार्थी की उपयुक्तता जांचने से लेकर प्रत्येक डोज के तरीके का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने अंतरा लगवाने वाली महिलाओं को नियमित फोलो अप करने और 3 माह के अंतराल से बुलाकर अगली डोज देने की बात रखी हालांकि इसके लिए विशेष ऑनलाइन सॉफ्टवेयर भी संचालित है जिसके माध्यम से हर 3 माह से लाभार्थी तो रिमाइंडर मिल जाता है। डीएनओ मनीष गोस्वामी ने अंतराराज ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में नियमित इन्द्राज करने सम्बंधी प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण में डिप्टी सीएमएचओ डॉ इंदिरा प्रभाकर, महेंद्र जायसवाल, डॉ यश मुद्गल व ग्रामीण पीएचसी-सीएचसी में कार्यरत चिकित्साधिकारी शामिल हुए। परिवार कल्याण कार्यक्रम में क्रन्तिकारी साबित हुए अंतरा एम.पी.ए. इंजेक्शन की सेवाएं अब पी.बी.एम. असपताल, जिला अस्पताल, सभी सीएचसी, शहरी पीएचसी व डिस्पेंसरियों में उपलब्ध है।

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