फ्लाई ऐश नहीं मिली तो संकट में आ जाएंगे ईंट ब्लाॅक्स एवं टाइल्स कारोबारी

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बीकानेर। बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया एवं बीकानेर फ्लाई ऐश प्रोडक्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आशाराम जोशी ने ऐश पर आधारित बरसिंगसर थर्मल पावर स्टेशन से थर्मल प्लांट के आस-पास स्थापित इकाइयों को मांग के अनुरूप कच्चा माल फ्लाई ऐश दिलवाकर लघु उद्योग इकाइयों के अस्तित्व को बचाने बाबत ई मेल द्वारा पत्र आयुक्त उद्योग जयपुर, जिला कलक्टर बीकानेर व महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र बीकानेर को भिजवाया। पत्र में बताया गया कि वर्तमान में कोरोना महामारी के कारण सभी उद्योग धंधे अपने अस्तित्व को बचाने के लिए प्रयासरत है। वहीं दूसरी और एनएलसी प्रशासन ने थर्मल प्लांट के आस-पास ऐश आधारित उद्योगों को फ्लाई ऐश आपूर्ति नहीं किये जाने से इन उद्योगों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। बीकानेर जिले के बरसिंगसर में एनएलसी इंडिया लिमिटेड का लिग्नाईट आधारित विद्युत संयंत्र है जिससे निकलने वाली फ्लाई ऐश ईंट, ब्लाॅक्स, टाइल्स आदि लघु उद्योगों के कच्चे माल में काम आती है। इन उद्योगों से जुड़े कारोबारियों ने बताया कि बीकानेर के अनेक उद्यमियों ने थर्मल स्टेशन के आस-पास ऊँचे दामों पर जमीनें क्रय कर अपनी इकाइयां स्थापित कर ली ताकि मिनिस्ट्रि आॅफ एनवायरमेंट, फोरेस्ट एंड क्लाइमेंट  चेंज  यानि एमओईएफ एंड सीसी  तथा केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानि सीपीसीबी आदि के नीति निर्देशों के अनुसार इन इकाइयों को फ्लाई ऐश की आपूर्ति मांग के अनुरूप प्राथमिकता से होती रहे और कच्चे माल की कमी के कारण उत्पादन बंद ना हो। भारत सरकार के वन एवं पर्यायवरण मंत्रालय एमओईएफ एंड सीसी ने भी गजट अधिसूचना एसओ 763(ई) 14 सितंबर 1999 जारी कर और आवश्यकतानुसार इसमें संशोधन करते संशोेधित अधिसूचना एसओ 254(ई) 25 जनवरी 2016 से पावर प्लांट प्रबंधन से जहां ऐश जेनरेट होती है उस क्षेत्र के समीप ऐश आधारित उत्पाद बनाने वाली इकाइयों की अधिकाधिक स्थापना का समर्थन, सहयोग एवं संवर्द्धन के प्रावधान किए गए। साथ ही ऐश की परिवहन लागत थर्मल प्लांट द्वारा वहन करने के निर्देश दिए। कारोबारियों ने बताया कि इन प्रावधानों एवं नीति निर्देशों के बावजूद एन.एल.सी. का संयंत्र के आस-पास ऐश आधारित इकाइयों की स्थापना की दिशा में न तो कोई सकारात्मक रवैया है न ही आस-पास की इन इकाइयों को ऐश के आवंटन में कोई सहयोग किया जाता है। फलस्वरूप आस-पास की इन इकाइयों को कच्चे माल के अभाव में उत्पादन चालू रखना व उत्पादन को बढ़ाने की समस्या के साथ साथ आर्थिक हानि भी उठानी पड़ रही है।
उद्योग केन्द्र ने एनएलसी लिखा पत्र
कारोबारियों ने बताया कि पूर्व में 7 नवम्बर 2019 को महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र बीकानेर द्वारा विद्युत संयंत्र के आस-पास स्थापित लघु उद्योग इकाइयों को मांग के अनुरूप फ्लाई ऐश आपूर्ति के लिए एनएलसी प्रशासन को पत्र भी लिखा गया था फिर भी आज तक स्थिति जस की तस है।

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