ऑर्डिनो प्रोग्रामिंग से रोबोटिक ब्रेन, होम ऑटोमेशन सहित बना सकते है अनेक डिवाइसेज

5
(1)

बीकानेर। बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय की संगठक महाविद्यालय यूसीईटी के इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन विभाग द्वारा आयोजित इंटरफेसिंग एवं प्रोग्रामिंग ऑन ऑर्डिनो पर 22 एवं 23 अगस्त का दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला को संपन्न हुई। इस कार्यशाला के मुख्य वक्ता डॉ योगेश मिश्रा थे। मिश्रा वर्तमान में जीएमआर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ,आंध्र प्रदेश में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। आज रविवार को कार्यशाला के दूसरे दिन प्रोफेसर योगेश मिश्रा ने बताया ऑर्डिनो सॉफ्टवेयर आडीई प्रोसेसिंग पर आधारित तकनीक है। ऑर्डिनो प्रोग्रामिंग को हाई वोल्टेज डिवाइस और सेंसर के साथ प्रयोग कर हम रोबोटिक ब्रेन ,होम ऑटोमेशन डिवाइस , ऑटोमेटिक स्ट्रीट लाइट ,तापमान आद्रता मापने के यंत्र ,ऑब्सटेकल डिटेक्शन अलार्म और एंटी थेफ्ट अलार्म बनाने में इस्तेमाल कर सकते हैं|

इससे पहले कार्यशाला के पहले दिन प्रोफेसर योगेश मिश्रा ने बताया ऑर्डिनो एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिसके प्रयोग से हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग का यूज करके इलेक्ट्रॉनिक ब्रेन को तैयार कर सकते हैं। ऑर्डिनो बोर्ड एक छोटा सा सीपीयू है जिसमें चिप लगी हुई होती है ,जिसको एमसीयू कहते हैं। इस चिप में हम अपना प्रोग्राम अपलोड कर और इसकी सुईयों को अपने हिसाब से सेट कर सकते हैं और जो चाहे डिवाइस कनेक्ट कर उसे हैक एवं कंट्रोल करके प्रोजेक्ट बना सकते हैं।
रविवार को कार्यशाला के समापन पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एचडी चारण ने स्पीकर प्रोफेसर योगेश मिश्रा को ई-प्लेटफार्म के जरिए जुड़ने के लिए धन्यवाद दिया एवं ई-प्लेटफार्म की महत्ता बताते हुए कहा कि इन विषम परिस्थितियों में भी विद्यार्थी एवं फैकल्टी कई विषयों की जानकारी घर बैठे ही ले सकते हैं।
यूसीईटी के प्रिंसिपल डॉक्टर वाईएन सिंह ने कार्यशाला के रिसोर्स पर्सन प्रोफेसर योगेश मिश्रा को ऑर्डिनो जैसी नई तकनीक को बारीकी एवं एवं सरल तरीकों या सरल भाषा में समझा कर कार्यशाला को रोचक बनाने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद दिया और आगे भी इसी ऊर्जा से जुड़ने के लिए आग्रह किया।
डॉ एसके बंसल, डीन एफओ इंजीनियरिंग एंड आर्किटेक्चर, ने कार्यशाला के टाइटल को वर्तमान परिपेक्ष की आवश्यकता बताई एवं कन्वीनरस को विषय के चुनाव के लिए उत्साहित किया।
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विभाग के विभागाध्यक्ष दिनेश कुमार सेन एवं को-कन्वीनरस ने प्रोफेसर योगेश मिश्रा को ऑर्डिनो से जुड़ी नई जानकारियां देने के लिए धन्यवाद दिया।
कार्यक्रम की कन्वीनर नीलम स्वामी और अनीता पंवार ने प्रोफेसर योगेश मिश्रा को इस तकनीकी को समझने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह तकनीक विद्यार्थियों के लिए भविष्य में कई प्रोजेक्ट बनाने में सहायक रहेगी।
सेशन के अंत में नीलम स्वामी , अनीता पंवार ,डॉ गायत्री शर्मा और अनु शर्मा ने सभी प्रतिभागियों को संयम से कार्यशाला अटेंड करने के लिए धन्यवाद दिया । साथ में विश्वास आचार्य एवं राजेश सुथार को टेक्निकल सपोर्ट के लिए धन्यवाद दिया।

How useful was this post?

Click on a star to rate it!

Average rating 5 / 5. Vote count: 1

No votes so far! Be the first to rate this post.

As you found this post useful...

Follow us on social media!

Leave a Reply