मंदी के दौर से गुजरेगा वाहन उद्योग, कपडा उद्योग में आएगा उछाल

बीकानेर। भारतीय गण तंत्र का 71 वां वर्ष 26 जनवरी 2020 को कुम्भस्थ चंद्र में प्रवेश करेगा। मुरलीधर व्यास काॅलोनी स्थित एस्ट्रªो आई के प्रमुख पंडित गिरवर प्रसाद बिस्सा ने बताया कि वर्ष कुम्भ लग्न का है, लग्न में शुक्र चंद्र, पंचम में राहु, दशम में मंगल, लाभ में गुरु केतु व्यय में सूर्य, शनि, बुध और मुंथा है। इसके चलते देष में वाहन उद्योग मंदी के दौर से गुजरेगा, लेकिन कपड़ा उद्योग में उछाल आएगा। पं. बिस्सा ने बताया कि 30 मार्च 2020 से 20 नवंबर 2020 के बीच राशि परिवर्तन करके पुनः मकर में आ जाएगा।

ग्रह योगानुसार निम्न भविष्य प्रतीत होता है –

– वैश्विक अराजकता, आतंकवाद और युद्ध जैसी अप्रिय घटनाओ को विराम देने की पहल से भारत का विश्व पटल मान बढ़ेगा।

– देश मे सामाजिक क्रांति का सूत्रपात होगा। लोकतंत्र की विजय होगी। लोग अपने अधिकारों को प्राप्त करेंगे, जन भावनाओं के आगे सरकार को झुकना पड़ेगा।

– धार्मिक असहिष्णुता बढेगी, राम मंदिर निर्माण में पक्ष और विपक्ष की कुचक्रांे के कारण अवरोध पैदा होगा।

राजनीतिक

– राजनीति के क्षेत्र में उठा पटक की स्थिति बनी रहेगी। केंद्रीय सत्ता को अपने कुनबे को आगे ले जाने में निराशा हाथ लगेगी। 30 मार्च के बाद कई राज्यो में सत्ता परिवर्तन का योग बन रहा है। राजनेताओ की बद जुबानी के कारण राजनीति की गरिमा को ठेस पहुंचेगी।

आर्थिक

– आर्थिंक मंदी से उबरने के सरकारी उपाय सही दिशा में नही होने से परेशानी होगी। 30 मार्च से 30 जून 2020 के बीच सरकारी प्रतिबंधों के कारण आम आदमी को परेशानियों से गुजरना पड़ेगा। आर.बी. आई के कड़े फैसले होंगे। रुपये का अवमूल्यन होगा। आयकर में विशेष राहत नही होगी। रियल इटेट सरकारी अनदेखी के कारण तेजी का इंतजार करता रहेगा। टेक्नोलॉजी में वृद्धि होगी वाहन उद्योग मंदी के दौर से गुजरेगा। कपडा उद्योग में उछाल आएगा। पंडित बिस्सा ने बताया कि आम बजट से आम जनता कोई विशेष राहत का योग नहीं है। आम बजट से बाजार में तेजी आएगी। – अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत बुलंदिया छुएगा। खेलो में भी बेहतर प्रदर्शन से भारत का मान बढ़ेगा। – विदेश नीति में परिवर्तन के संकेत मिल रहे वे कारगर साबित होंगे। इससे पड़ोसी देशों से कुछ सम्बन्ध सुधार सकते हैं। – आयुध डिपो सैन्य ठिकानों की सुरक्षा पर ध्यान देना जरूरी है। आतंकवादी उन्हें निशाना बनाएंगे विशेषकर समुद्री ठिकानों को, ताकि कोई शीर्ष नेता उनका शिकार नहीं हो। – न्यायालय के फैसले ऐतिहासिक होंगे, लेकिन ये फैसले कहीं देश के लिए अहितकारी साबित नहीं हो जाए। – मौसम के बदमिजाज के कारण औसत वर्षा का अनुमान है आगामी दिनों के लिए सरकार को सतर्क होना चाहिए। मौसम वैज्ञानिकों से आग्रह है वे सूर्य की हलचल पर विशेष ध्यान दे ताकि मौसम की सही जानकारी मिल सके। देश में भूकंप आगजनी ओलावृष्टि के कारण आमजन को परेशानी होगी।

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