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टूटा सब्र तो पैदल ही जयपुर निकल पड़ें सैकड़ों शिक्षाधिकारी

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21 को घेरेंगे विधानसभा, आमरण अनशन की भी तैयारी

प्रधानाचार्य पदोन्नति को लेकर शिक्षाधिकारियों का आंदोलन, देखें वीडियो

बीकानेर। पिछले 10 माह से लम्बित उप प्राचार्य से प्राचार्य पदोन्नति हेतु पिछले 33 दिन से निदेशालय के समक्ष धरने पर बैठे शिक्षाधिकारियों का सब्र अब जवाब देने लगा है। अपने आंदोलन को तेज करते हुए आज सैकडों शिक्षाधिकारी राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद (रेसा) के बैनर तले बीकानेर से जयपुर पैदल पद यात्रा पर रवाना हुए । संगठन के प्रदेशाघ्यक्ष कृष्ण गोदारा ने बताया कि प्रदेश मे लगभग 6500 विद्यालयों में प्रधानाचार्य पद रिक्त पडे है, बोर्ड परीक्षा नजदीक है इसके बावजूद पात्र उप प्राचार्यों की डीपीसी किसी न किसी बहाने से पिछले 10 माह से लटकाई जा रही है। विभाग की इस नकारात्मकता एवं अपने वाजिब हक को प्राप्त करने के लिए रेसा के लगभग 300 शिक्षा अधिकारी गांधीवादी तरीके से बीकानेर से जयपुर को पद यात्रा के लिए आज निदेशालय से रवाना हुए।

संगठन के जिला महामंत्री कमल कान्त स्वामी ने बताया कि उपप्राचार्य का पद नवसृजित होने के कारण अनुभव में एक वर्ष के शिथिलन हेतु निदेशालय द्वारा शासन को 20 जनवरी को पत्र प्रेषित किया गया था ,शासन द्वारा उप प्राचार्य पद की अधिसूचना में ही शिथिलन का प्रावधान किया हुआ है इसके बावजूद प्रस्ताव को इतने समय तक शासन स्तर पर लम्बित रखना खेदजनक है।

ज्ञात रहे मुख्यमंत्री ने सत्र 2022-23 में नवम्बर माह तक सभी वर्गाें की पदोन्नति में एक वर्ष के शिथिलन का प्रावधान किया हुआ था एवं 22-23 के बजट में भी 1 वर्ष के अनुभव शिथिलन की घोषणा की गई है इसके बावजूद प्रधानाचार्य की डीपीसी में अनावश्यक विलम्ब किया जा रहा है।

रेसा की यह पद यात्रा 21 फरवरी को विधानसभा घेराव के साथ सम्पन्न होगी, अगर तब तक भी डीपीसी हेतु उचित कदम नहीं उठाये गये तो रेसा द्वारा आमरण अनशन की भी तैयारी हैै। इस दौरान निदेशालय पर सांकेतिक धरना भी जारी रहेगा।

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