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एमबीएम विश्वविद्यालय करेगा राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में योगदान

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विश्वविद्यालय एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के मध्य एम.ओ.यू.

जोधपुर। एमबीएम विश्वविद्यालय जोधपुर एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के मध्य 8 जून, 2022 को कुलपति सचिवालय में कुलपति डॉ. अजय कुमार शर्मा एवं परियोजना निदेशक अजय विश्नोई की उपस्थिति में दोनों के मध्य एम. ओ. यू पर हस्ताक्षर किए गए। एमबीएम विश्वविद्यालय की ओर से इस अवसर पर अधिष्ठाता डॉ. सुनील शर्मा एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से परियोजना निदेशक अजय विश्नोई ने एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर किए।

इस अवसर पर कुलपति डॉ. अजय कुमार शर्मा ने आगन्तुक अतिथियों एवं सभागार में उपस्थित सभी का स्वागत करते हुए कहा कि भारत सरकार के भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और एमबीएम विश्वविद्यालय, जोधपुर के मध्य यह जो एम.ओ.यू. करार हुआ है इसका विशेष लाभ सिविल व Structure इंजीनियरिंग विभाग में अध्ययनरत स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को मिलेगा व विद्यार्थियों को रोजगार के नये अवसर प्रदान होंगे।

कुलपति ने कहा कि यदि अन्य विभाग जैसे PRODUCTION & INDUSTRIAL ENGINEERING, ELECTRONICS & COMMUNICATION ELECRICAL ENGINEERING आदि के विद्यार्थियों को भी इसमें शामिल किया जाता है तो न केवल भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को इसका प्रत्यक्ष लाभ होगा वरन् विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को भी इसका प्रेक्टीकल लाभ होगा व उनके के लिए रोजगार के नये अवसर उपलब्ध होंगे। परियोजना निदेशक ने इस बिन्दु पर विचार करने का विश्वास जाताया व कहा कि भविष्य में इस विषय के विद्यार्थियों को भी इनटर्नशिप के अवसर सुलभ कराये जायेंगे।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक अजय विश्नोई में कहा कि भारत सरकार तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों को इससे जोड़ने के लिए विशेष प्रयास कर रही है तथा इस तरह के एम.ओ.यू. देश के कई जाने माने तकनीकी संस्थानों के साथ कर चुकी है जिसका सीधा लाभ तकनीकी
संस्थाओं के विद्यार्थियों को प्राप्त हो रहा है। इसी कड़ी में एमबीएम विश्वविद्यालय के साथ यह अनुबंध (एमओयू) किया जा रहा है। प्राधिकरण विश्वविद्यालय से स्नातक और स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों को इनटर्नशिप की ट्रेनिंग देगा व उनको स्टाईपेण्ड के रूप में स्नातक के विद्यार्थियों को रूपए 8000/- एवं स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों को रूपए 15000/- प्रदान करेगा। उन्होंने आगे कहा कि इससे विद्यार्थियों को नए अनुसंधान प्रयोग एवं भविष्य में आने वाली नई तकनीकी जानकारी प्राप्त होगी ।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्ग जो राजस्थान एवं गुजरात राज्य को जोड़ता है इन कार्यक्षेत्रों पर विद्यार्थियों को प्रायोगिक एवं अनुसंधान हेतु लगाया जाएगा क्योंकि ये राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माणाधीन है।

डॉ. सुनील शर्मा, अधिष्ठाता, एमबीएम विश्वविद्यालय ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सभी अधिकारियों को धन्यवाद् देते हुए कहा कि एमबीएम विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के विद्यार्थियों को निश्चित रूप से लाभ होगा । इससे न केवल विद्यार्थियों को इन्टर्नशिप द्वारा एक नया अवसर प्रदान होगा वरन् उन्हें प्रयोग एवं अनुसंधान के साथ वित्तीय लाभ भी होगा। डॉ. शर्मा ने आगे कहा कि महाविद्यालय में स्थित अन्य ब्रान्चों के विद्यार्थियों को भी यदि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इन्टर्नशिप प्रदान करता है तो विश्वविद्यालय प्रशासन इसका स्वागत करेगा।

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