आईसीएआई बीकानेर की नई टीम, नई सोच: टैक्स कैंप से लेकर सड़क निर्माण तक उठी आवाज
सीए मुकेश शर्मा बने आईसीएआई बीकानेर ब्रांच अध्यक्ष

बीकानेर। भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (आईसीएआई ) की बीकानेर शाखा की प्रबंध समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें वर्ष 2026-27 के लिए शाखा के पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से निर्वाचन किया गया।

प्रबंध समिति का गठन
निर्वाचन में सीए मुकेश शर्मा को अध्यक्ष, सीए अभय शर्मा को उपाध्यक्ष, सीए राजेश भूरा को सचिव, सीए मोहित बैद को कोषाध्यक्ष, सीए हेतराम पूनिया को कार्यकारी सदस्य तथा सीए सुमित नौलखा को शिक्षा अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

कौशल विकास पर रहेगा फोकस
अध्यक्ष पद ग्रहण करने के बाद पत्रकार वार्ता में सीए मुकेश शर्मा ने कहा कि उनके कार्यकाल में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं विद्यार्थियों के कौशल विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बीकानेर में पोस्ट क्वालिफिकेशन कोर्सेज, विशेषकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एवं इन्फॉर्मेशन सिस्टम ऑडिट (आईएसए) जैसे व्यावहारिक कोर्सेज को पुन: प्रारंभ करने के प्रयास किए जाएंगे।

जनहित व छात्र हित के कार्यक्रम
सीए शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए करियर काउंसलिंग कार्यक्रम, आम जनता के लिए नि:शुल्क टैक्स एवं निवेश परामर्श शिविर, कैपिटल मार्केट जागरूकता कार्यक्रम तथा शाखा भवन के इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास विशेषकर रीडिंग रूम एवं लाइब्रेरी सुविधाओं का विस्तार उनके प्रमुख कार्यक्षेत्र रहेंगे।
शिव वैली में सड़क नहीं, उठे सुरक्षा के सवाल
पत्रकार वार्ता के दौरान चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने शिव वैली क्षेत्र में पक्की सड़क नहीं होने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि लंबे समय से सड़क निर्माण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और अब अगस्त माह तक इसके बनने का आश्वासन मिला है।

अग्निशमन केंद्र है, लेकिन रास्ता नहीं
हाल ही में डी-मार्ट तक तो पक्की सड़क बना दी गई है, लेकिन इसके आगे रानीबाजार औद्योगिक क्षेत्र की ओर जाने वाली सड़क को कच्चा छोड़ दिया गया है। हैरत की बात यह है कि इसी शिव वैली में सरकार द्वारा स्वीकृत अग्निशमन केंद्र संचालित हो रहा है। ऐसे में किसी अग्निकांड की स्थिति में फायर फाइटर वाहन समय पर कैसे पहुंचेंगे, यह एक गंभीर सवाल है।

महिला सुरक्षा व स्ट्रीट लाइट की भी मांग
इलाके में केवल अग्निशमन केंद्र खोल देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वहां से औद्योगिक क्षेत्र की दिशा में घटना स्थल तक पहुंचने के लिए सुगम मार्ग भी उतना ही जरूरी है। इस क्षेत्र में सैकड़ों सीए विद्यार्थियों, व्यापारियों व अन्य लोगों की नियमित आवाजाही रहती है। विशेषकर छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पक्की सड़क एवं स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था प्रशासन की प्राथमिकता में होनी चाहिए।
स्टूडेंट्स के लिए खुल सकता है कमाई का रास्ता
इस अवसर पर सीए अंकुश चोपड़ा ने कहा कि स्कूल कॉलेजों में सीए पाठ्यक्रम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि वाणिज्य संकाय के विद्यार्थियों के लिए एक वर्ष की सीए प्रैक्टिस अनिवार्य की जानी चाहिए, जिससे विद्यार्थी कम से कम 20 से 30 हजार रुपये तक की मासिक आय अर्जित करने योग्य बन सकते हैं।

उन्होंने बताया कि बारहवीं के बाद सीए पाठ्यक्रम पूर्ण करने पर विद्यार्थियों को पोस्ट ग्रेजुएट के समकक्ष डिग्री प्राप्त होती है। वर्तमान में देश में लगभग चार लाख चार्टर्ड अकाउंटेंट्स हैं, जबकि आवश्यकता करीब 30 लाख सीए की है। ऐसे में यह क्षेत्र युवाओं के लिए शानदार करियर अवसर प्रदान करता है।

