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इम्पोर्ट ड्यूटी लगाने से ही भारत में कैल्सियम कार्बोनेट इंडस्ट्री को मिलेगी ऑक्सीजन Only after imposition of import duty, calcium carbonate industry will get oxygen in India

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बीकानेर के देशनोक स्थित ब्रज कैमिकल एंड मिनरल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर डाॅ. अशोक धारणीया कहते हैं कि लाॅकडाउन के दौरान कैल्सियम कार्बोनेट इंडस्ट्री की स्थितियां बहुत खराब रही है क्योंकि हमारा फिनिश्ड गुड्स दूसरी फैक्ट्रीयों का राॅ मैटेरियल है। लाॅकडाउन में जब वे फैक्ट्रीयां ही नहीं चली तो हम प्रोडक्ट किसे देते? इसके बाद अनलाॅक के शुरूआती दिनों में भी उत्पादन काफी प्रभावित रहा, क्योंकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुविधा बहाल हो जाने से श्रमिक अपने गांव चले गए थे। हालांकि इसके बाद वे लौट भी आए, लेकिन तब तक मार्केट में प्रोडक्ट की डिमांड कम बहुत कम हो गई थी।

सरकार के कदमों को लेकर डाॅ. धारणीया कहते है कि सरकार ने उद्योगों के लिए जो कदम उठाए वे सराहनीय थे, लेकिन उद्योगों को अभी भी राहत की बहुत जरूरत है। वर्तमान में कैल्सियम कार्बोनेट इंडस्ट्री की कमर टूटी हुई है, क्योंकि इस प्रोडक्ट का वियतनाम व मलेशिया से काफी तादाद में इम्पोर्ट किया जा रहा है, जिस पर किसी प्रकार की कोई ड्यूटी नहीं लगा रखी है। पिछले साल 2019-20 में 9071 मिलियन रुपयों का कैल्सियम कार्बोनेट का इम्पोर्ट भारत में किया गया था, जो की अब तक का सर्वाधिक इम्पोर्ट का आंकड़ा है।

दुनिया में हिन्दुस्तान कैल्सियम कार्बोनेट का सर्वाधिक इम्पोर्ट करने वाला देश है। इस पर सरकार को इम्पोर्ट ड्यूटी व एंटी डम्पिंग ड्यूटी जरूर लगानी चाहिए ताकि देश में कैल्सियम काॅर्बोनेट की पूर्व में बंद हो चुकी इंडस्ट्रीज फिर से चालु हो जाए और जो वर्तमान में मरनासन्न स्थिति चल रही हैं वे फिर से मुख्यधारा में आ जाए। हम चाहते हैं कि केन्द्र सरकार इम्पोर्ट पर कुछ पाबंदियां भी लगाए जैसे उन्हीं इंडस्ट्री को इम्पोर्ट के लिए अधिकृत लाइसेन्स जारी करें जो वर्तमान में कैल्सियम कार्बोनेट का उत्पादन कर रही हैं।

जीएसटी में भी अभी तक बहुत पेचीदगियों का सामना इस इंडस्ट्री को करना पड़ रहा है, जैसे कैल्सियम कार्बोनेट के चार एचएसएन कोड अलग अलग नाम से है। इसमें कैल्सियम कार्बोनेट (28365000) पर 18 फीसदी जीएसटी, मार्बल पाउडर (25774100), लाइम स्टोन पाउडर (25210090) व कैल्साइट पाउडर (25309030) पर 5-5 फीसदी जीएसटी लगता है। जब एक ही प्रोडक्ट होने के बाद भी इन सब पर अलग अलग दर है, सरकार को सभी पर एकरूप 5 प्रतिशत या 18 प्रतिशत जीएसटी दर लगा देनी चाहिए। अगर जीएसटी दर कम भी करते है तो भी भारत सरकार की अर्थव्यवस्था पर इससे कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि कैल्सियम कार्बोनेट का फाइनल प्रोडक्ट अन्य इंडस्ट्रीज का राॅ मैटेरियल है और वो सभी इंडस्ट्रीज जीएसटी का इनपुट क्रेडिट लेती है। हमने यहां तक भारत सरकार से अपील भी की, कि आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत इम्पोर्ट पर ड्यूटी लगाए तथा इसके इम्पोर्ट पर पाबंदी भी लगाए तो भारत में इस इंडस्ट्री को जीवन दान मिलेगा। कम से कम आयात ही किसी भी देश की अर्थव्यवस्था का मूलमंत्र होता है। इस बाबत राजस्थान सरकार से भी अनुरोध किया कि एमएसएमई के तहत आने वाले उद्योगों का सरकारी विभागों में बकाया भुगतान 45 दिन में दिलवाने की कानूनी प्रावधानों का कड़ाई से पालन कराए तथा राजस्थान सरकार व उद्योगों के बीच समन्वय के लिए एक नोडल एजेंसी स्थापित करे जो उद्योगों से संबंधित किसी भी विभाग की समस्या, निगरानी, अभियोग व याचिका संबंधी कार्य देखें। कोरोना महामारी के चलते निजी कम्पनियां मंदी की मार को झेल रही है। इस मंदी के कारण कम्पनियों ने अपने कर्मचारियों की छंटनी भी कर दी थीं , जिससे बेरोजगारी चरम पर पहुँच गई थी, ऐसे में चोरी, लूटपाट आदि आपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

कोरोना वायरस ने आम आदमी को जरूरतनुसार जीवन जीने की राह पर ला दिया है, जिससे दिखावे व फिजुलखर्ची पर ज़रूर अंकुश लगा है। अब हर आदमी अपनी आर्थिक व्यवस्था के अनुकूल ही खर्चा कर रहा है |

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