एक गोली बदल देगी दुनिया One tablet will change the world

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बीकानेर। आज मौसम बड़ा सुहाना है। शीतल बयार चल रही है। मैं और मेरा दोस्त राजीव रोज की तरह घर से दो किलोमीटर दूर गणेश मंदिर पैदल घूमने निकले, लेकिन मौसम अनुकूल होने के बावजूद कुछ घूटन महसूस हो रही थी। सड़क पर इतनी भीड़ कि मन कर रहा था बीच रास्ते से ही घर चला जाऊं। तभी राजीव बोला यार, पहले सड़कें चैड़ाई में कम थी फिर भी हम आसानी से कम समय में घर पहुंच जाते थे और अब चैड़े चैड़े हाइवे होने के बावजूद रेंग रेंग कर घर पहुंचते हैं।
हम कैसे ही करके मंदिर पहुंचे तो वहां भी भीड़ और शौर से मन खट्टा हो रहा था। राजीव बोला अभी दस बजे है। एक घंटे में भीड़ कम हो जाएगी तब तक बगीचे में बैठते हैं। हमारे कदम बगीचे की ओर बढ़ गए। वहां हमेशा की तरह एक बुजुर्ग चिकित्सक प्रो. राधे मोहन बैठे थे। हम भी उनके पास जाकर बैठ गए। प्रोफेसर हमें देखकर मुस्कराएं तो हमने भी उन्हें नमस्कार किया और परिचय करते हुए भीड़, शौर, महंगाई पर बात करने लगे।
धरती पर इंसानी आबादी का संसाधनों की उपलब्धता से बेहतर तालमेल था। सब कुछ खुला खुला शांत। धरती स्वर्ग सी लगती थी। यह जानकारी देते हुए प्रोफेसर राधे मोहन कहने लगे कि अब हालात बहुत बिगड़ चुके है। लगता है इंसान के नियंत्रण में कुछ नहीं रहा। रोज रोज भोजन पानी के लिए झगड़े, सड़कों पर ट्रेफिक जाम में आगे निकलने की होड़ में झगड़े आदि अखबारों में पढ़ने को मिल रहे हैं। मैने प्रोफेसर से कहा कि सर आपके समय में क्या हालात थे। तो वो बोले बेटा तब 12 साल पहले 2020 में धरती की आबादी 7.6 अरब थी और हालात उस समय बिगड़ने शुरू हुए ही थे और तब हमने इन समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन अब जब 2030 में धरती की आबादी 17 अरब से ऊपर जा रही है तो इसके गंभीर परिणाम आने लगे हैं। यही वजह है कि अब इंसान भी जल्दी जल्दी ऊपर जाने लगा है। मुस्कराते हुए प्रोफेसर ने अपनी चिंता जताई।
तभी प्रोफेसर की ओर मुखातिब होकर राजीव बोला
सर, अब तो धरती पर भोजन पानी के लिए संघर्ष चल रहा है, लेकिन इस समस्या का समाधान क्या हो सकता है?
कुछ सोचने के बाद प्रोफेसर बोले बढ़ती आबादी एवं घटते संसाधन दुनियाभर के वैज्ञानिकों के लिए एक बड़ी चुनौती है। तभी मेरा एक शोध का साथी अरूण बगीचे में आ पहुंचा और बोला आप लोगों को पता है पंजाब सरकार क्या करने जा रही है। हम सब एक साथ बोल पड़े नहीं मालूम-
फिर टीवी पर चल रही ब्रेकिंग न्यूज के बारे में अरूण बताने लगा कि पूरी धरती पीने योग्य पानी से जूझ रही है। हमारे देश में राजस्थान में कुएं सूख चुके हैं। ऐसे में पंजाब, राजस्थान का पानी बंद कर रहा है क्योंकि उसके निवासियों के लिए पानी बहुत कम पड़ रहा है। इससे दोनों राज्यों में तनाव हो गया है। अरूण ने इससे भी बड़ी बात बताई कि ये हालात भारत ही नहीं वरन अमेरिका, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन जैसे देशों में भी हो चुके हैं। अति गरीब देश नेपाल, भूटान, सोमालिया, यूगांडा, अफगानिस्तान में तो लोग भूख से मर रहे हैं और कहीं कहीं तो खाद्य पदार्थों को लेकर इंसान एक दूसरे को मार कर खा रहे हैं। इस समाचार से सबका मन खट्टा हो गया। अब भगवान से अच्छे के लिए प्रार्थना करते हैं और घर चले। ऐसा कहकर मैं, राजीव, अरूण व प्रोफेसर बगीचे से बाहर आ गए और अपने अपने घरों की ओर बढ़ गए। लगातार …

……. शेष भाग कल …………

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