मुख्यमंत्री को डॉ. कल्ला ने दी बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में कोरोना मरीजों के उपचार में लापरवाही और अव्यवस्थाओं की जानकारी

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– मुख्यमंत्री के निर्देश पर चिकित्सा विभाग के प्रमुख सचिव करेंगे पीबीएम का दौरा

जयपुर/बीकानेर। जलदाय एवं ऊर्जा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने बीकानेर के पीबीएम चिकित्सालय में कोरोना मरीजों के उपचार में बरती जा रही लापरवाही और अव्यवस्थाओं के बारे में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अवगत कराया है। मुख्यमंत्री गहलोत के निर्देश के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया ने जलदाय एवं ऊर्जा मंत्री डॉ. कल्ला से बातचीत कर इस सम्बंध में विस्तार से जानकारी ली है। डॉ. कल्ला को प्रमुख शासन सचिव ने अवगत कराया है कि वे स्वयं बीकानेर का दौरा कर कोरोना के उपचार सम्बंधी व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे और अव्यवस्थाओं को दूर कर सभी कोरोना मरीजों के सुचारू ईलाज की व्यवस्था की जाएगी। गत दिनों कोरोना संक्रमित होने के बाद जयपुर में स्वास्थ्य लाभ ले रहे जलदाय एवं ऊर्जा मंत्री ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से दूरभाष पर बातचीत करके उनको बीकानेर के पीबीएम चिकित्सालय में कोरोना के उपचार के बारे में मरीजों एवं उनके परिजनों की ओर से लगातार मिल रही शिकायतों और फीडबैक से अवगत कराया। उन्होंने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि पीबीएम चिकित्सालय में चिकित्सा सुविधाओं में शिथिलता बरती जा रही है, इस कारण कोविड हॉस्पिटल की स्थिति बहुत खराब है। कोरोना संक्रमित मरीजों को समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने तथा गम्भीर मरीजों को सीनियर डॉक्टर्स की देखरेख में वेंटीलेटर पर नहीं लिए जाने की शिकायतें भी लगातार मिल रही हैं। मुख्यमंत्री की ओर से इस बारे में जारी निर्देर्शों के बाद बुधवार को चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री वैभव गालरिया ने जलदाय मंत्री डॉ. कल्ला से दूरभाष पर विस्तार से जानकारी लीं। डॉ. कल्ला ने प्रमुख शासन सचिव को पीबीएम हॉस्पिटल की स्थिति के बारे में फीडबैक देते हुए कहा कि यहां कोविड वार्ड में सीनियर डॉक्टर्स की 24 घंटे चक्रवार डयूटी लगाई जाए। उन्होंने बताया कि पीबीएम चिकित्सालय में ऐसे कई प्रकरण सामने आए है, जिनमें ऑक्सीजन उपलब्ध होने के बावजूद गम्भीर मरीजों को सीनियर डॉक्टर्स की इजाजत के बगैर समय पर नहीं दी गई। वहीं कॉल पर सीनियर डॉक्टर्स के 5-6 घंटे तक नहीं आने से ऐसे मरीजों की हालत और खराब हो जाती है। डॉ. कल्ला ने प्रमुख शासन सचिव से कहा कि ऐसी स्थिति में रेजीडेंट डॉक्टर्स को ही गम्भीर रोगियों को ऑक्सीजन देने आदि के सम्बंध में कदम उठाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाए। साथ ही पीबीएम प्रशासन से भर्ती होने के बाद समय पर सही ईलाज के अभाव में ठीक नहीं होने वाले मरीजों का रिकॉर्ड मांगा जाए। डॉ. कल्ला ने प्रमुख शासन सचिव को बताया कि जन सुनवाई के नाम पर प्रशासन द्वारा ढ़िलाई बरती जा रही है तथा पीबीएम प्रशासन द्वारा लगातार लापरवाही बरते जाने से वहां की व्यवस्था बदतर हो रही है। उन्होंने चिकित्सा व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने के साथ ही यहां आवश्यकतानुसार अतिरिक्त वेंटीलेटर्स भिजवाने, बैड्स की कमी को दूर करने और पर्याप्त मात्रा में सभी दवाईयों और इंजैक्शन आदि की व्यवस्था करने को कहा। साथ ही कोरोना की जांच सम्बंधी पूर्ववत व्यवस्था को जारी रखते हुए आमजन की शिकायतों के निराकरण के सम्बंध में भी आवश्यक कदम उठाने को कहा। प्रमुख शासन सचिव ने डॉ. कल्ला को बताया कि वे स्वयं पीबीएम की चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लेंगे। वहां आमजन की शिकायतों को दूर करते हुए सभी व्यवस्थाओं को दुरूस्त किया जाएगा।

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