बीटीयू में “मनी मैनेजमेंट एंड करियर ओप्पोरच्युनीटीज़ पोस्ट कोविड सिनेरियो” विषयक वेबिनार का आयोजन

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बीकानेर। बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के संयुक्त तत्वाधान में यू सी ई टी के प्रबंधन अध्ययन विभाग द्वारा “मनी मैनेजमेंट एंड करियर ओप्पोरच्युनीटीज़ पोस्ट कोविड सिनेरियो” विषय पर एक दिवसीय वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की संयोजिका एवं विभागाध्यक्ष, प्रबंधन अध्ययन विभाग डॉ. हेम आहूजा ने बताया इस एक दिवसीय वेबिनार को आयोजित करने का एक मात्र उद्देश्य है कि वर्तमान परिपेक्ष्य में वैश्विक महामारी कोविड को देखते हुए एक व्यक्ति अपने आय व्यय एवं बचत के संसाधनों का कितनी कुशलता से प्रबंध करता है इस विषय पर चर्चा करना अति आवश्यक है। आज के युग में अर्थ प्रबंधन की महत्ता और बढ़ गई है और समयानुसार हर व्यक्ति अपने पैसो को सही जगह निवेश करने के उपाय तलाश रहा है जिससे कि वह अपने निवेश किये गए धन पर अधिकाधिक लाभार्जन कर सके। इसीलिए अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सेकेंडरी मार्केट को समझाना भी समय की मांग है जिससे निवेश के नए नए आयामों के बारे में जानकारी ली जा सके। इस वेबिनार द्वारा विश्वविद्यालय एवं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा संयुक्त रूप से इस दिशा में यह प्रयास किया गया है ।
उद्घाटन सत्र में कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एच. डी. चारण ने कहा कि मानव ने प्राचीन काल से ही अर्थ प्रबंधन की संपूर्ण व्यवस्था को अत्यंत महत्वपूर्ण माना है और अपने सभी खर्चो को मैनेज करते हुए बचत की आदत को भी अपनाया है । आज के युग में अर्थ प्रबंधन की महत्ता और बढ़ गई है और समयानुसार हर व्यक्ति अपने पैसो को सही जगह निवेश करने के उपाय तलाश रहा है जिस से कि वह अपने निवेश किये गए धन पर अधिकाधिक लाभार्जन कर सके। वर्तमान में जब पूरा विश्व वैश्विक महामारी कोविड से जूझ रहा है तो धन को संचित करने की आवश्यकता और अधिक महसूस होने लगी है ताकि कठिन समय में धीरज रख कर अपनी समस्याओं को सुलझाया जा सके। परन्तु जैसा कि विदित है कि भारत के कुछ ऐसे क्षेत्र है जैसे एग्रीकल्चर और सर्विस सेक्टर जो वैश्विक महामारी कोविड से उभरने में देश के लिए कारगर साबित हो रहे है ।
विश्वविद्यालय के डायरेक्टर अकादमिक एवं यू सी ई टी के प्राचार्य डॉ. वाई. एन. सिंह ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए बताया कि आज के समय को देखते हुए यह वेबिनार एक बहुत सकारात्मक पहल है और हमे इस विषय की गहराई को समझना अति आवश्यक है जिससे हम अपने वित्त को सही प्रकार से निवेश करने हेतु महत्वपूर्ण निर्णय ले सके। विश्वविद्यालय के डीन, फैकल्टी ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी डॉ. एस. के. बंसल ने बताया कि जिस प्रकार शरीर में सभी अंगो के सुचारु रूप से कार्य करने हेतु रक्त की महत्वपूर्ण भूमिका है उसी प्रकार किसी भी देश की अर्थव्यवस्था को धन के बिना नहीं चलाया जा सकता । हमे अपने जीवन काल में अपने वर्तमान को वित्तीय तौर पर मजबूत बनाने के साथ साथ भविष्य को भी सुरक्षित रखने के बारे में क्रमबद्ध योजना बनानी चाहिए जिस से चिंता मुक्त हो कर हम अपने वर्तमान को सुखद पूर्वक जी सके ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं सीनियर ट्रेनर, प्रोफिशिएंट माइंडस अरुण सिंह ने अपने व्याख्यान में मनी मैनेजमेंट के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हर व्यक्ति की प्राथमिकता अपने धन के संचय के साथ साथ उसके स्मार्ट निवेश की होनी चाहिए । उन्होंने उन्होंने पोस्ट कोविड सिनेरियो में निवेश करने के मंत्रो के बारे में बताते हुए कहा कि हमे अपने निवेश के प्रति सतर्क एवं सजग होना चाहिए तथा अपने धन को किन किन विकल्पों में निवेश करना है, कितना निवेश करना है एवं कब करना है इसकी विस्तृत जानकारी हर एक व्यक्ति को होनी चाहिए । निवेश के साथ ही उस धन पर लाभार्जन और उससे ज्यादा महत्वपूर्ण तत्त्व रिस्क का भी पता होना चाहिए ताकि समय आने पर बाजार से धन को निकलना या निवेश करना आसान हो जाये । उन्होंने सेकेंडरी मार्केट की पूर्णतम जानकारी दी और बताया कि एक जानकारी प्राप्त निवेशक कैसे बना जा सकता है और उसके लिए किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ।उन्होंने नेशनल स्टैक एक्सचेंज द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए विभिन्न कार्यक्रमों और कैरियर संभावनाओं की विस्तृत रूप में जानकारी दी ।
सह-समन्वयक डॉ. गायत्री शर्मा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद् ज्ञापित करते हुए बताया कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के मुख्य वक्ता अरुण सिंह द्वारा आज के विषय पर धन के सदुपयोग, सही निवेश एवं पोस्ट कोविड परिपेक्ष्य में सभी का ज्ञान संवर्धन किया गया एवं भविष्य में भी इस तरह के वेबिनार सभी निवेशकों को जागरूक बनाने हेतु निश्चित रूप से कारगर सिद्ध होंगे।
कार्यक्रम के अंत में सत्र समाप्ति की घोषणा सह समन्वयक डॉ. रुमा भदौरिया ने की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से आलोक आचार्य, डॉ. अनु शर्मा, डॉ. प्रीती पारीक, डॉ. भूमिका चोपड़ा, अनीता पंवार, नीलम स्वामी मौजूद रहे ।

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