होम आइसोलेशन रोगी के घरों की माॅनिटरिंग के दिए निर्देश

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जिला कलक्टर ने की कोविड-19 की व्यवस्थाओं की समीक्षा

बीकानेर, 07 सितम्बर। जिला कलक्टर नमित मेहता ने कहा कि कोविड-19 के लिए नियुक्त एरिया मजिस्ट्रेट अपने अपने क्षेत्र में होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों का घरों में रहना सुनिश्चित करने के लिए रेंडमली भौतिक रूप से निरीक्षण करेंगे। इस दौरान कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति होम आइसोलेशन में सभी नियमों की पालना कर रहा है अथवा नहीं, इसकी गहनता से जांच करेंगे।  साथ ही वे अपने क्षेत्र में आने वाले धार्मिक स्थलों का भी निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करेंगे कि यहां पर कोरोना एडवाइजरी की पालना के बाद ही धार्मिक स्थल खुले हैं। विशेषकर सभी धर्म स्थलों पर सैनिटाइजर की व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं के लिए अंदर आने और बाहर जाने की संपूर्ण व्यवस्थाएं भली-भांति प्रकार है,इसकी भी जांच भी करेंगे।
मेहता सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कोविड-19 समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पूरे शहर को 8 जोन में बांटकर जिन राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को लगाया गया ह,ै वह अपने-अपने क्षेत्र के कम से कम 10 मकान आवश्यक रूप से देखेंगे, जहां कोरोना पॉजिटिव अथवा कोरोना पॉजिटिव के परिजन रहते हैं। उन्होंने कहा कि मकानों में रोगी को देखते समय यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जितने कोविड-19 रोगी मकान में रह रहे हैं, उन सब के लिए रहने आदि की बेहतर व्यवस्था है। अगर ऐसा लगे कि कहीं किसी मकान में पॉजिटिव रोगियों की संख्या ज्यादा है और मकान छोटा हो तो उनमें से कुछ पॉजिटिव रोगियों को स्टेट क्वॉरेंटाइन सेंटर में स्थानांतरित किया जाए।
उन्होंने कहा कि सभी होम कोरेन्टाईन पॉजिटिव रोगियों की उनके मोबाइल के द्वारा लोकेशन ट्रेस का कार्य भी हो रहा है। अगर कोई व्यक्ति होम कोरेन्टाईन का उल्लंघन करता है तो इसकी सूचना दी जाए। वर्तमान में ऐसे 115 लोग थे, जिन्होंने होम कोरेन्टाईन रहते हुए किसी कारणवश घर से बाहर निकल गए थे। ऐसे सभी व्यक्तियों को ट्रेस कर लिया है और उन्हें समझाइश की गई है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भी कोई व्यक्ति घर से बाहर निकलता है तो ऐसे सभी लोगों के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जिला कलक्टर ने पी.बी.एम. अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मोहम्मद सलीम से कहा कि वह सुपर स्पेशलिटी सेंटर में भर्ती रोगियों की स्वास्थ्य की नियमित समीक्षा करने के साथ यह भी देखें कि अगर कोई एसिंप्टोमेटिक व्यक्ति ज्यादा गंभीर नहीं है, तो ऐसे रोगियों को सुपर स्पेशलिटी सेंटर से कोविड-19 केयर सेंटर में स्थानांतरित कर दिया जाए और रोगी नेगेटिव आ जाए तो उसे घर भेज दिया जाए। ऐसा करने से गंभीर रोगियों के लिए सुपर स्पेशलिटी सेंटर में आवश्यक संख्या में बेड आसानी से उपलब्ध रह सकेंगे।

वरिष्ठ चिकित्सक देख रहे हैं सुपर स्पेशलिटी सेंटर

बैठक में जिला कलक्टर ने बहुत ही स्पष्ट निर्देश देते हुए अधीक्षक पीबीएम से कहा कि अस्पताल के सुपर स्पेशलिटी सेंटर में वरिष्ठ चिकित्सक नियमित रूप से भर्ती रोगियों के स्वास्थ्य का परीक्षण करें। अधीक्षक ने बताया कि वरिष्ठ चिकित्सकों द्वारा नियमित रूप से भ्रमण किया जा रहा है। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) ए.एच. गौरी, अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) सुनीता चैधरी, राजूवास के रजिस्ट्रार अजीत सिंह राजावत, अधीक्षक पी.बी.एम. डॉ. मोहम्मद सलीम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ बी एल मीना सहित सभी एरिया मजिस्ट्रेट तथा अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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