उद्योग संघ के वकील सुरेश ओझा ने आयकर नियमों में सुधार के लिए सरकार को भेजे सुझाव

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बीकानेर। बीकानेर जिला उद्योग संघ के एडवोकेट सुरेश ओझा ने आयकर नियमों में सुधार के लिए केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं केन्द्रीय राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल को ईमेल द्वारा सुझाव भिजवाए हैं। सुझाव में बताया गया कि कोविड 19 के मद्देनजर विशेष क़ानून या अध्यादेश के अनुसार इस ऋण वसूली न्यायाधिकरण को कम से कम 1 वर्ष के लिए स्थगित किया जाना चाहिए। आयकर में छानबीन के लिए चयन प्रक्रिया में 2 साल के लिए स्क्रूटनी द्वारा कर का मूल्यांकन स्थगित करना चाहिए क्योंकि स्क्रूटनी के आंकलन से विभाग को कोई राजस्व नहीं मिल पा रहा है। विभाग द्वारा रिफंड जारी करने में देरी की जा रही है जिस हेतु सरकार को विभाग को निर्देश जारी किये जाने चाहिए जिससे रिफंड समय पर किये जा सके। यदि लम्बित आवेदन जहां निर्धारित को रिफंड जारी करने के तरीके से लाभान्वित किया जाता है तो करदाता को राहत प्रदान के लिए प्राथमिकता पर निर्णय लिया जाना चाहिए और यदि करदाता वापसी के लिए हकदार है तो उसे तुरंत रिफंड जारी किया जाना चाहिए। सभी लम्बित संवीक्षा मूल्यांकन को सारांश तरीके से पूरा किया जाना चाहिए। हालांकि यह हिस्सा बहुत मामूली है और देश के बड़े हित को देखते हुए सभी मामलों का सारांश तरीके से मूल्यांकन किया जाना चाहिए। वरिष्ठ नागरिकों द्वारा म्यूच्यूअल फंड या बाद की उम्र के लिए खरीदे गए शेयर यदि उन्हें वापस बेचने पड़ रहे हैं तो कुछ निश्चित समय के लिए कुछ निश्चित परिसम्पतियों पर केपिटल गेन टेक्स को स्थगित करना होगा। देशवासियों को कम से कम 2 साल के लिए बैंक के बचत खाते, सुपर सेविंग एकाउंट, करंट एकाउंट या किसी भी प्रकार के खाते में मिनिमम बैलेंस रखने के लिए संस्पेंड करना होगा जो कि बेहतर अर्थव्यवस्था व तरलता में भी सुधार होगा। सरकार को वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष ब्याज दरें तय करते हुए इनके भविष्य को सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए।

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