प्रदेश में 2–3 मार्च को ही रहेगा होली–धुलंडी का अवकाश, 4 मार्च पर असमंजस
बीकानेर । राज्य सरकार के आधिकारिक कैलेंडर के अनुसार इस वर्ष प्रदेश में होली और धुलंडी का सार्वजनिक अवकाश केवल 2 और 3 मार्च को ही रहेगा। 4 मार्च को अवकाश घोषित करने को लेकर फिलहाल कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के सूत्रों के मुताबिक इस संबंध में न तो किसी विभाग की ओर से कोई औपचारिक मांग आई है और न ही सरकार के स्तर पर कोई प्रस्ताव तैयार किया गया है। हालांकि कर्मचारी नेता और विभिन्न कर्मचारी संघ लगातार 4 मार्च को भी अवकाश घोषित करने की मांग कर रहे हैं।
दरअसल, 2 मार्च की रात फाल्गुन पूर्णिमा है, जबकि 3 मार्च को दोपहर 3:21 बजे से शाम 6:47 बजे तक चंद्रग्रहण रहेगा। ग्रहण के कारण उसी शाम शुद्धिकरण किया जाएगा। इसे लेकर ज्योतिषियों में मतभेद है—
कुछ ज्योतिषियों का मानना है कि रंगों की होली 3 मार्च के बजाय 4 मार्च को होनी चाहिए,
वहीं कुछ का कहना है कि ग्रहण काल में होली खेलने पर कोई निषेध नहीं है।
इसी असमंजस के चलते रेलवे, स्कूलों और कुछ अन्य संस्थानों ने अपना अवकाश बदलते हुए 4 मार्च को छुट्टी घोषित कर दी है।
दूसरी ओर, सरकारी कार्यालयों, निगमों, बोर्डों और उपक्रमों के कर्मचारी अब भी असमंजस में हैं।
हालात यह हैं कि बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी पहले ही अपने पैतृक गांवों के लिए रवाना हो चुके हैं, जिनके 5 मार्च को ही ड्यूटी पर लौटने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में 4 मार्च के अवकाश को लेकर सरकार के फैसले पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

