Picsart 22 06 05 19 42 01 057

इस दिन निदेशालय का घेराव करेंगे प्रदेश के शिक्षा अधिकारी

5
(1)

बीकानेर: 5 जून। राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद् (रेसा) के आह्वान पर राज्य के शिक्षा अधिकारी 7 जून को शिक्षा निदेशालय पर प्रदेश स्तरीय एक दिवसीय धरना देकर निदेशालय का घेराव करेंगे।

रेसा के जिला अध्यक्ष संदीप जैन ने बताया कि रेसा द्वारा अपनी न्यायोचित मांगों के संबंध में कई बार निदेशक को ज्ञापन देने एवं राज्य सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद निदेशालय कार्मिकों द्वारा निदेशक एवं राज्य सरकार को बार-बार गुमराह कर शिक्षाधिकारियों को उनके नेसर्गिक अधिकारों से वंचित किया गया जिससे मजबूरन परिषद् को ये कदम उठाने पर विवश होना पड़ा।

जिला महामंत्री कमल कांत स्वामी ने बताया कि वर्तमान में राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद् (रेसा) की निम्न मागें निदेशालय स्तर पर लंबित हैं

1. प्रधानाचार्य की डीपीसी हेतु प्रधानाध्यापक पद पर तीन वर्ष का अनुभव जरूरी होता है। इस प्रकार कार्मिक विभाग के नियमानुसार 01.04.2017 की रिक्तियों के विरुद्ध प्रधानाध्यापक बने समस्त प्रधानाध्यापक वर्ष 2020-21 की डीपीसी द्वारा प्रधानाचार्य बनने चाहिए थे. मगर विभाग ने इस आधार पर प्रधानाध्यापकों की पात्रता निरस्त कर दी कि उनकी पदोन्नति आदेश में पदोन्नति तिथि का अंकन नहीं था कार्मिक विभाग के आदेश 31 मार्च 2015 द्वारा परिपत्र जारी कर 01 अप्रेल 2015 के बाद होने वाली पदोन्नतियों के तिथि अंकन अनिवार्य कर दिया था। इसके बावजूद 2017-18 की डीपीसी में प्रधानाध्यापकों की पदोन्नति में तिथि अंकन न होने की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा विभाग की ही है। इस आधार पर प्रधानाध्यापकों को उनके नैसर्गिक अधिकार से वंचित किया गया। शासन द्वारा अपने पत्रांक- प. 17 (1) / शिक्षा – 2 / डीपीसी आयोजन / 2020 जयपुर 18.03.2021 द्वारा आदेशित किया गया तथा वर्तमान में पुनः पत्रांक- प. 17 (1) / शिक्षा – 2 / डीपीसी आयोजन / 2020 जयपुर 10.11.2021 द्वारा प्रधानाचार्य व प्रधानाध्यापक डीपीसी 2017 में रिक्ति दिनांक अंकित कर शिक्षा अधिकारियों को उनके जायज हक देने हेतु कहा। इसके बावजूद निदेशालय के अधिकारियों द्वारा आदेशों की गलत व्याख्या कर 2017-18 के प्रधानाध्यापकों एवं प्रधानाचार्यों को उनके नैसर्गिक अधिकार से वंचित किया जा रहा हैं।

2 प्रमुख शासन सचिव (शिक्षा) ग्रुप-2 के 09 दिसंबर 2021 व उच्च न्यायालय जोधपुर के दिए गये निर्णय की अनुपालना में प्रधानाचार्य स्थायी वरिष्ठता सूची जारी कर जिला शिक्षा अधिकारी पदोन्नति हेतु पात्रता सूचियां जारी की जाए।

3. मार्च 2021 में हुए त्रिपक्षीय समझौते की पालना में 2021-22 की प्रधानाचार्य पदोन्नति एकवारीय 80:20 अनुपात से करते हुए 2022-23 की पदोन्नति कार्मिक विभाग द्वारा जारी राजस्थान शिक्षा (राज्य एवं अधीनस्थ ) सेवा ( दूसरा संशोधन) नियम 2022 के अनुसार की जाए।

How useful was this post?

Click on a star to rate it!

Average rating 5 / 5. Vote count: 1

No votes so far! Be the first to rate this post.

As you found this post useful...

Follow us on social media!

Leave a Reply