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बीकानेर में इस गति से चली लू और कल इतना लुढ़केगा पारा

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बीकानेर । बीकानेर में शुक्रवार को दिनभर चलीं लू के थपेड़ों से जन जीवन बेहाल हो गया। बाजार में भी कर्फ्यू सा माहौल रहा। जस्सूसर गेट स्थित करनाणी जनरल स्टोर के प्रमुख रमेश करनाणी ने बताया कि हमेशा तो शाम की ग्राहकी रहती हैं, लेकिन आज तो वो भी नदारद रही। मौसम विभाग के अनुसार बीकानेर में आज अधिकतम तापमान 46.4 डिग्री व न्यूनतम 31.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं हवा की गति 39 किलोमीटर प्रति घंटे रही। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बीकानेर में कल शनिवार को अधिकतम तापमान में 3 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है। वहीं हवा की दिशा दक्षिण पश्चिम में 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रहेगी।

मौसम विभाग की माने तो बीकानेर सहित 10 जिलों में हल्की बारिश होगी। 25 मई से शुरू होने वाले नौतपा से पहले ही बारिश होने और आंधी चलने के आसार हैं। इसका कारण है 21 मई से एक्टिव हो रहे नए विक्षोभ से उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर, जयपुर और भरतपुर समेत 10 जिलों में 2 दिन हल्की बारिश हो सकती है।पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, बीकानेर संभाग के बाड़मेर, चूरू, गंगानगर, जालोर, पाली समेत कई जिलों में अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान 44-45 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर जा सकता है। यहां अगले 3 दिनों तक तेज गर्मी के साथ लोगों को तेज गर्म हवा की मार भी झेलनी पड़ सकती है।

यहां हो सकती है बारिश
राजस्थान में 21 मई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इस बार इस सिस्टम से 21 मई को बीकानेर, गंगानगर, हनुमानगढ़, झुंझुनूं और अलवर के कुछ हिस्से में बारिश होगी। साथ ही 22 मई को जयपुर, सीकर, दौसा, भरतपुर और धौलपुर जिलों के एरिया में आसमान में बादल छाने, आंधी चलने और कहीं-कहीं हल्की बरसात होने की संभावना है।

ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, कृषि अनुसंधान केन्द्र, बीकानेर द्वारा उपरोक्त मौसम के पूर्वानुमान के आधार पर बीकानेर जिले के किसान को सलाह दी जाती है कि आने वाले दिनों में दिन व रात के तापमान में कमी होने, कम आपेक्षिक आर्द्रता के साथ तेज गति की हवाएँ चलने और स्वच्छ आकाश रहने की संभावना है।

नरमा कपास की बिजाई मई महीने के प्रथम सप्ताह से शुरू हो जायेगी। खेत की तैयारी के लिए एक गहरी जुताई मिट्टी पलटने वाले हल (मॉल्ड वोर्ड) से करें तथा दो-तीन जुताई कल्टीवेटर से करें। खेत तैयारी के समय 30-35 क्विंटल गोबर की खाद प्रति बीघा की दर से प्रयोग करें।

अमेरिकी कपास के लिए आरएस 2013, आरएस 810, बीकानेर नरमा, मरु विकास और बीटी कपास के लिए आरसीएच-134 बीजी, आरसीएच-314, बीजी, आरसीएच-650 बीजी-II, एमआरसी 7017 बीजी ॥ उपयुक्त किस्मों का चयन करें।

बीटी कपास की बुवाई 100 सेमी (पंक्ति से पंक्ति) X 60 सेमी (पौधे से पौधे) की दूरी पर करें।

देशी कपास की बुवाई का उचित समय है, प्रचलित किस्में आर.जी 8, आर.जी -18, राज.डी. एच 9 एच.डी 123 या आर. जी 542 है।

देशी कपास की बुवाई में कतार से कतार की दूरी सवा दो फुट व पौधे से पौधे की दूरी दो फुट रखें।

भारतीय कपास की बुवाई का उचित समय मई के पहले सप्ताह तक है। उन्नत किस्में RG-8, RG-18, RDH-9, HD-123 या RG-542 हैं और भारतीय कपास की बुवाई 67.5 सेमी (पंक्ति से पंक्ति) x 60 सेमी (पौधे से पौधे) है।

खजूर, किन्नों, संतरा व नीबू के बगीचे में नियमित अन्तराल पर सिंचाई करें।

गर्मियों में पशुओ को हरा चारा खिलाने के लिए बाजरा की आर बी सी 2 व जयंत बाजरा जैसी किस्में बोएं।

हरा चारा फसलों में नियमित रूप से सिंचाई करें।

खेत में चूहों के नियंत्रण हेतु जिंक फास्फाइड + आटा खाने का तेल का 2: 94 4 के अनुपात में मिश्रण का चुगा खुले बिल्लो पर रखें

• आने वाले दिनों में लू चलने की संभावना है, सब्जियों व फलों की फसलों में समय पर सिंचाई करें।

• आने वाले दिनों में गर्म हवा चलने की संभावना है, पशुओं को प्रचूर मात्रा में पानी पिलावे एवं उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखें। पशुओं को संतुलित आहार के साथ साथ खनिज मिश्रण भी प्रतिदिन खिलाये।

दुधारू पशुओं को थनैला रोग से बचाने के उपाय करे। पशुओं को खुरपका-मुहपका रोग से बचाव का टीका लगवाएँ एवं पेट में कीड़ों की दवाई नियमित देवें ।

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