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कलश यात्रा से गोचर पर कब्जे रोकने के प्रयास

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गाय, गोचर नहीं तो सनातन संस्कृति नहीं – बालसंत श्रीछैल बिहारी जी

धरना स्थल पर कलश यात्रा के साथ श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ शुरू बीकानेर

बीकानेर 8 फरवरी। गोचर, औरण व चारागाह की जमीन पर कब्जों को नियमन करने के राज्य सरकार के फैसले के बाद से बीकानेर में पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी का शरह नथानियान गोचर भूमि में चल रहा बेमियादी धरना 27 वें दिन जारी रहा। भाटी गोचर पर कब्जे रोकने के लिए कलश यात्रा, धरना आदि अनेक प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है।

धरना स्थल पर भजन, कीर्तन व श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन हो रहा है। मंगलवार को भागवत के शुरूआत से पहले कलश यात्रा निकाली गई जो सुबह 11.30 बजे श्री राम गणेश मंदिर मौसम विभाग से शुरूआत कर गोचर भूमि कथा स्थल धरना स्थल पर पहुंची । गोचर , औरण में कब्जों को नियमन करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ देश भर में गौ भक्तों में रोष है ।

आज राष्ट्रीय गौ रक्षा वाहिनी व गौ सेवा संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव सिंघल लखनऊ व मध्यप्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष यशपाल सिंह सिसौदिया ने भाटी से दुरभाष पर चर्चा कर आगामी रणनीति पर वार्ता की । उन्होंने भाटी को बताया कि संगठन की राजस्थान की सभी ईकाईयों को इस आन्दोलन को अपना मुखर समर्थन देने के लिए निर्देश दिये गये हैं ।

भाटी के प्रवक्ता सुनील बांठिया ने बताया कि भागवत कथा के आरम्भ से पूर्व श्रीराम गणेश मंदिर पर सैकड़ों गौ भक्त महिलाएँ जमा हो गयी । अपने सिर पर कलश उठाये ये महिलाएँ कीर्तन करती हुई धरना स्थल पर पहुंची । कलश यात्रा में बड़ी संख्या में धर्म परायण महिलाएं , पुरुष साथ थे । कलश यात्रा में आगे – आगे बालसंत छैल बिहारी महाराज-, क्षेत्रीय पार्षद सुधा आचार्य , अंशुमान सिंह भाटी , अंजु पुरोहित , संतोष राठौड़ , सुमित्रा व्यास , विमला जाजड़ा , अन्नपूर्णा जाजड़ा , सुमन शेखावत , पुष्पा कंवर व शारदा राव ओमप्रकाश कुलरिया , शेखर भाटी , मितेश आशदेव , कुणाल पारीक सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे ।

आज कथा की शुरूआत से पूर्व दीपक मोदी व ज्योत्सना मोदी ने जोड़े सहित भागवत पुराण का पुजन करवाया । कथा मंच पर देवीसिंह भाटी , देवकिशन चांडक व मोदी दम्पति द्वारा भागवत जी की स्थापना की गयी ।

इसके बाद बालसंत श्रीप्रैल बिहारी महाराज ने श्रीमद् भागवत श्रवण की महिमा का बखान किया भागवत कथा में भक्ति , ज्ञान , वैराग्य प्रसंग को विस्तार पूर्वक बताते हुए बालमंत जी ने कहा गौ माता समस्त प्रकार धर्म , अर्थ , काम , मोक्ष प्रदायनी है । गाय नहीं है तो सनातन संस्कृति का कोई अस्तित्व ही नहीं बचता । प्रत्येक जीव को गाय , गोचर संरक्षण व संवर्धन हेतु अपने जीवन की आहुति देनी पड़ी तो पीछे नहीं हटना पहुँ । बालसंत ने कहा ये बीकानेर का सौभाग्य है कि इस धरती पर पर गौ भक्त देवी सिंह भाटी जैसे व्यक्ति ने जन्म लिया है प्रत्येक सनातनी का यह धर्म है कि वह गाय , गोचर से जुड़े इस सामाजिक आन्दोलन से अपने परिजनों को जोड़ें। इस अवसर पर गौ ग्राम सेवा संघ राजस्थान के कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्ष सुरजमाल सिंह नीमराणा ने कहा कि सरकार ने अपना निर्णय नहीं बदला तो राजस्थान की सभी गौ शालाओं की चाबियां सरकार को सोप देगें ।

धरना स्थल पर गोचर आन्दोलन को समर्थन देने वालों में मुख्य रूप से रामेश्वर सुधार ग्रान्धी सरपंच प्रतिनिधि , रामकुमार गोदारा पंचायत समिति सदस्य , हेमराज ज्याणी पूर्व पंचायत समिति सदस्य , अजीतसिंह ग्रान्धी , विक्रमसिंह भाटी भाटियाँ का बैरा , शंकर कुदरतवाली , शंकर कुम्हार पूर्व सरपंच प्रतिनिधि , बालकिशन थानवी पूर्व सरपंच बरसलपुर , मांगीलाल वार्ड पंच बाला , लक्ष्मण गहलोत , प्रेम कुमार गहलोत , मोहन राईका , इन्दसिंह , बगताराम मेघवाल , मोडाराम मेघवाल खारा लोहान महेश पुरोहित कोलायत सहित सैकड़ों लोगों ने आकर राज्य सरकार की नीति की भर्त्सना करते हुए भाटी को अपना समर्थन दिया।

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