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जाग निगम जाग कोचरों के चौक में घरों में फिर घुसा सीवरेज का पानी

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– सीवर लाइन का गंदा पानी फिर बना मुसीबत

– लिखित शिकायत करने पर भी नहीं हुई कार्रवाई

बीकानेर। बीकानेर का नगर निगम इतनी गहरी नींद में है कि कोचरों के चौक में पिछले करीब डेढ़ माह से सीवर लाइन की समस्या नजर ही नहीं आ रही है। इस साल पहली जनवरी को कोचरों के चौक के निवासियों ने ‘द इंडियन डेली’ को सीवरेज की समस्या से अवगत करवाया था तब हमने ‘कोचरों के चौक में घरों के अंडरग्राउंड में सीवरेज का पानी‘ शीर्षक से खबर का प्रकाशन प्रमुखता से किया था तब के जो हालात थे वही हालात आज भी जस के तस है। आज फिर से इस लाचार बेबस चौक को उसी समस्या से दो-चार होना पड़ा। मोहल्लेवासियों ने, पूर्व और वर्तमान पार्षदों ने इस समस्या से निगम को अनेकों बार अवगत करवाया गया, लेकिन निगम है कि सुनता ही नहीं। फिर ऐसे निगम की क्या जरूरत है और जब पार्षदों की सुनवाई ही नहीं होती है तो क्यों इनके चुनावों पर करोड़ों रूपए खर्च किया जाता है और क्यों ही निगम के कर्मचारियों और अफसरों को वेतन के रूप में करोड़ों खर्च कर टैक्सपेयर जनता का धन बर्बाद किया जा रहा है?

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वार्ड नंबर 76 के सुरेन्द्र कोचर ने बताया कि कोचरों के चौक में जाम सीवर लाइन की समस्या से बुरा हाल हो रहा है। इससे मोहल्ले के तीन-चार तहखानों में पानी भर जाता है। राजेंद्र कोचर, कन्हैयालाल कोचर और जेठमल कोचर के मकानों में पानी भर जाता है। इलाके में 15-20 दिन के अंदर सीवर लाइन जाम हो जाती है जिससे सारा पानी तहखानों में आ जाता है। उन्होंने बताया कि सीवर लाइन का गंदा पानी फिर से मुसीबत बन गया है। इससे भी ज्यादा पीड़ा इस बात की निगम को लिखित शिकायत करने पर भी सुनवाई नहीं हो रही है। अब किस के पास जाएं। ये शब्द अपने आप में मोहल्लेवासियों की बेबसी को बयां कर रहे हैं। बहरहाल मोहल्लेवासियों को निगम के जागने और उनकी समस्या के समाधान होने का महज इंतजार है

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सुरेंद्र कोचर ने बताया कि राजेंद्र कोचर, कन्हैयालाल कोचर और जेठमल कोचर के मकानों में सीवरेज का पानी भर जाता है। इलाके में 15-20 दिन के अंदर सीवर लाइन जाम हो जाती है जिससे सारा पानी तहखानों में आ जाता है। उन्होंने बताया कि नगर निगम को सीवर लाइन जाम होने की शिकायत करने पर कर्मचारी आते हैं और वह सफाई करके चले जाते हैं, लेकिन तहखानों का पानी प्राइवेट खर्चे से निकालना पड़ता है। कोचरों के चौक से पिछली गवाड़ के बीच की लाइन पूरी तरह से टूट चुकी है। वह काफी पुरानी भी है। इस संबंध में नगर निगम से आगे भी हमने शिकायत की है, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। हम नगर निगम से यही चाहते हैं कि जल्दी से जल्दी पूरी लाइन को बदलकर नई लाइन डालकर इस समस्या से निजात दिलाएं। नहीं तो कभी भी बहुत बड़ा हादसा हो सकता है।

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