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डिजाइन थिंकिंग के बिना नहीं बनाया जा सकता नया प्रोडक्ट एवं सिस्टम – प्रोफेसर सांगवान

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ईसीबी में “डिज़ाइन थिंकिंग” विषयक पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन

बीकानेर । इंजीनियरिंग कॉलेज बीकानेर के मैकेनिकल विभाग द्वारा आयोजित तथा अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, नई दिल्ली के अटल अकादमी योजना की ओर से प्रायोजित “डिज़ाइन थिंकिंग ” विषयक पांच दिवसीय शिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम का BITS पिलानी के प्रो. के. एस. सांगवान के मुख्य आथित्य में समापन हुआ। प्रोफेसर सांगवान ने बताया कि डिजाइन थिंकिंग के बिना किसी भी तरह का नया प्रोडक्ट एवं सिस्टम नहीं बनाया जा सकता है या उपलब्ध प्रोडक्ट में कोई इंप्रूवमेंट पॉसिबल नहीं है। डिजाइन थिंकिंग के परिणाम स्वरूप ही हम नए-नए प्रोडक्ट्स मार्केट में उपलब्ध हो रहे हैं एवं ऑनलाइन की दुनिया में आज हम बहुत आगे बढ़ चुके हैं l कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. जयप्रकाश भामू ने डिज़ाइन थिंकिंग की उपयोगिता हमारे जीवन में सुधार के लिए बहुत जरूरी है, जब मन शांत होगा तो क्रिएटिविटी और इनोवेशन हमें और हमारे देश को बहुत आगे ले जाएगी और हमारे देश को मैन्युफैक्चरिंग हब बनने में सहायक होगी और हम मेक इन इंडिया सिद्धांत की तरफ बढ़ सकेंगे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. रणजीत सिंह एवं आयोजन सचिव डॉ. इंदू भूरिया ने समापन सत्र में प्रतिभागियों व विशेषज्ञों का स्वागत किया तथा पांच दिन चले इस कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी।. इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में IIT, NIT, BITS Pilani के विशेषज्ञों ने डिजाइन थिंकिंग के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा की, जिसके फलस्वरूप इस कार्यक्रम के प्रतिभागियों को शोध, अनुसंधान एवं शिक्षण, प्रशिक्षण में बहुत ही लाभदायक रहेगी।

कार्यक्रम के चेयरमैन राजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है की डिजाइन थिंकिंग जैसे ज्वलनशील विषय पर अटल प्रोग्राम में एआईसीटीई से सहयोग मिलना और इस पर विस्तृत रूप से पूरे देश से शिक्षाविदों एवम् शोधकर्ताओं से खुले मंच पर चर्चा हुई। इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में आपसी चर्चा के परिणाम हमें आने वाले समय में हमारे अभियांत्रिकी महाविद्यालय बीकानेर में भी नजर आएंगे।
पांचवें दिन डॉ अभिषेक आचार्य, प्रोफेसर एनआईटी सूरत ने अपने संबोधन में उत्पादों की डिज़ाइन में नवीनीकरण एवं नवीन दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। वहीं सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र से सुकन्या ने IOT में डिजाइन थिंकिंग के पहलुओं पर चर्चा की एवं उसकी उपयोग से उद्योगों में उत्पादन में बढ़ोतरी में कैसे सहायक है इसके बारे में विस्तार से बताया।

ईसीबी रजिस्ट्रार डॉ. मनोज कुड़ी ने आयोजन पर शुभकामना दी एवम् उपस्थित सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया। समन्वयक डॉ. रणजीत सिंह ने बताया कि कार्यशाला के समापन पर सभी प्रतिभागियों की परीक्षा ली गई तथा सफल प्रतिभागियों को भारत सरकार के अटल अकादमी योजना द्वारा ऑनलाइन प्रशिक्षण प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। उन्होंने देशभर से प्रशिक्षण प्राप्त 175 से अधिक प्रतिभागियों को सीखे गए ज्ञान को विद्यार्थियों तक पहुंचाने का आह्वान भी किया।

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