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“मरू क्षेत्र में फसलों की उत्पादन तकनीकें” पुस्तिका का विमोचन

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बीकानेर 13 अगस्त। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर के प्रसार शिक्षा निदेशालय द्वारा मरू क्षेत्र में फसलों की उत्पादन तकनीकें विषय पर पुस्तिका का विमोचन करते हुए कुलपति प्रो. आर.पी. सिंह ने बताया की यह पुस्तिका भारत सरकार के जल शक्ति कार्यक्रम के अंतर्गत प्रकाशित की जा रही है। इस पुस्तिका में कृषि की उन्नत व एवं उपयोगी जानकारी को चित्रों के माध्यम से समावेश कर प्रदेश के किसानों के उपयोग हेतु प्रकाशित किया जा रहा है। इसमें संकलित तकनीकों को अपनाकर किसान उत्पादों की गुणवत्ता में उत्पादकता में वृद्धि कर सकेंगे। इस उपयोगी किसान पुस्तिका के मुख्य संपादक डॉ दुर्गा सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष केवीके बीकानेर एवं संकलन एवं संपादन के लिए डॉ सुशील कुमार, डॉ राजेंद्र सिंह राठौर, डॉ प्रमेन्द्र सिंह चौहान, सूर्य सिंह मनोहर, डॉ सुरेंद्र कुमार यादव एवं उपस्थित अनुसंधान निदेशक डॉ पी.एस शेखावत को धन्यवाद देते हुए विश्वास प्रकट किया कि इस पुस्तिका से मरू क्षेत्र के किसान प्रसार कार्यकर्ता एवं कृषि विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।

आईसीएआर व्याख्यान “खाद्य सुरक्षा और क्लाईमेट रेसिलिअंस में सुधार के लिए सतत कृषि गहनता” में कुलपति प्रो. आर.पी. सिंह ने सहभागिता निभाई

बीकानेर 13 अगस्त । स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.पी. सिंह ने आईसीएआर सीरीज#21 आजादी का अमृत महोत्सव के तत्वाधान ऑनलाइन में सहभागिता निभाते हुए बताया की प्रो. पी.वी.वारा प्रसाद कैनसस स्टेट यूनिवर्सिटी, यूएसए ने संबोधित किया। डॉ. प्रसाद ने खाद्य सुरक्षा की स्थिति, कुपोषण, जलवायु परिवर्तन ,खाद्य सुरक्षा और रेसिलिएंस के लिए पौधों के स्वास्थ्य के अवसर और महत्व, उत्पादकता पर अजैविक और जैविक दबावों के प्रभाव, सतत कृषि गहनता के घटकों की स्थिति, जलवायु परिवर्तन का पौधों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव, व्यापक एक स्वास्थ्य अवधारणा के साथ सिस्टम दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए और जैव-भौतिक और सामाजिक नवाचारों और अपनाने और स्केलिंग के लिए सक्षम वातावरण बनाने पर जोर दिया जाना चाहिए। सकारात्मक परिणामों के लिए ट्रांस डिसिप्लिनरी अनुसंधान और सहयोग महत्वपूर्ण है आदि बिंदुओं पर प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। वर्चुअल कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, निदेशक, आईसीएआर, कृषि व अनुसंधान संस्थानों के प्रभारियों, वैज्ञानिकों, विषय विशेषज्ञों ने भाग लिया। 75वें स्वतंत्रता दिवस से पचहत्तर सप्ताह पहले, भारत सरकार के सभी विभाग और मंत्रालय एक पुनरुत्थानवादी, आत्मनिर्भर भारत के लिए गतिविधियां आयोजित कर रहे हैं। इसी क्रम मे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ के एक भाग के रूप में, ’75 व्याख्यान श्रृंखला’ नामक एक विशाल आउटरीच अभियान, लिया गया है।

कृषि विश्वविद्यालय वित्तीय समिति की बैठक आयोजित।

बीकानेर, 13 अगस्त। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर में वित्तीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विशेषाधिकारी श्री विपिन लड्ढा और वित्त नियंत्रक श्री पवन कासवा उपस्थित रहे। कुलपति प्रो. आर.पी. सिंह ने बताया की विश्वविद्यालय को राज्य सरकार द्वारा राज्य निधि में 6780.33 लाख आवंटित किए गए है। राज्य सरकार द्वारा राज्य निधि (आयोजना भिन्न ) में वेतन भत्तों के लिए वर्ष 2021-22 के लिए 5480 लाख का प्रावधान किया है व राज्य निधि (आयोजना व्यय) में वेतन भत्तों निर्माण कार्य व भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की परियोजनाओं के लिए राज्य इसके लिए राशि 1300.33 लाख का आवंटन किया गया है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली से इस विश्वविद्यालय के अधीन कार्यरत 07 कृषि विज्ञान केंद्रों, 15 समन्वित कृषि अनुसंधान परियोजनाओं व अन्य प्रकार की अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन विभिन्न प्रकार की स्कॉलरशिप डेवलपमेंट एंड स्ट्रैंथनिंग एवं पुस्तकालय सुदृढ़ीकरण तथा राष्ट्रीय प्रतिभा स्कॉलरशिप आदि परियोजनाओं के लिए राशि आवंटित की जाती है। आईसीएआर से 1596.92 लाख व अन्य संस्थाओं से 12 .50 लाख एवं विश्वविद्यालय आय 885.14 लाख रुपए है। बैठक में विश्वविद्यालय संबंधित आवंटित बजट व वित्तीय मुद्दों पर चर्चा की।

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