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साढ़े पांच करोड़ रुपए की लागत से प्रदेश का प्रथम आधुनिकतम एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान बनाने की तैयारी

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– सौ बेड का स्पोर्ट्स हॉस्टल बनाने की भी तैयारी

उदयपुर। राजस्थान प्रदेश की युवा खेल प्रतिभाओं को खेलों में समुचित अवसर प्रदान करने और राष्ट्रीय खेल हॉकी को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए सुखाड़िया विश्वविद्यालय साढ़ें पांच करोड रुपए की लागत से प्रदेश का प्रथम आधुनिकतम एस्ट्रोटर्फ हॉकी मैदान और सौ बेड का स्पोर्ट्स हॉस्टल बनाने जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के साथ ही प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकेगी और प्रदेश में राष्ट्रीय खेल हॉकी के विकास के लिए एक अनुकूल वातावरण तैयार होगा।विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अमेरिका सिंह इस एक्शन प्लान के तहत प्रदेश के युवाओं व हॉकी खिलाड़ियों को नई सौगात प्रदान करने जा रहे हैं।

खेलों की इस अंतरराष्ट्रीय योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए आज कुलपति प्रोफ़ेसर अमेरिका की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय में स्पोर्ट्स बोर्ड की बैठक आयोजित की गई, जिसमें हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के पुत्र अशोक ध्यानचंद भी उपस्थित थे। विश्वविद्यालय द्वारा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करवाया जा रहा है। इस परियोजना पर कार्य कर रहे एक उच्चस्तरीय मंडल ने कुलपति से मुलाक़ात की और विस्तृत चर्चा की।

कुलपति प्रो. सिंह ने कहा कि हमारे देश में खेल के क्षेत्र की उपलब्धियाँ अत्यंत क्षीण हैं, लेकिन यह भी सत्य है कि हमारे देश में प्रतिभा की कमी नहीं है। यदि खिलाड़ियों को सुविधाएं और अनुकूल वातावरण प्रदान किया जाए तो हम इस क्षेत्र में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं ।अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लक्ष्य प्राप्ति के लिए अपने खिलाड़ियों को प्रत्येक सुविधा प्रदान कराना जरूरी है, ताकि वे अंपने खेल को गंभीरतापूर्वक लें। इन आवश्यक प्रयासों द्वारा ही विश्व के खेल मानचित्र पर भारत का नाम अंकित हो पाएगा। इसी दिशा में सुविवि खेल विशेषज्ञों के निर्देशन में अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैदान विकसित करने जा रहा है।

विश्वविद्यालय की इस परियोजना से जहां एक और प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे आने का अवसर मिलेगा वही दूसरी ओर वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन हेतु अनुकूल वातावरण में स्वयं को तैयार कर सकेंगे। इस कार्य योजना के लिए प्रतिनिधिमंडल ने प्रोफेसर सिंह का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर मेजर ध्यानचंद के पुत्र अशोक ध्यानचंद ने कहा कि आज युवा खेल प्रतिभाओं को आधारभूत सुविधाएं, खेल उपकरण, प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करना आवश्यक है।खेल आज मानव व्यक्तित्व के चौमुखी विकास का अभिन्न अंग है और खेलों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अनुकूल वातावरण होना आवश्यक है। इस बदलते राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय परिदृश्य की बढ़ती मांगों की पूर्ति के लिए सुविवि ने खेलों में उत्कृष्तता लाने के कार्यक्रमों को क्रियान्वित करने का दायित्व लिया है।

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