सात सालों से लाखों रूपए लेकर बैठा न्यास पटाखा कारोबारियों को नहीं दे रहा भूखंडों का कब्जा

बीकानेर। बीकानेर में सालभर पटाखों का बड़ा कारोबार होता है और यहां सैंकड़ों की तादाद में पटाखों की दुकानें संचालित हो रही हैं। कुछ पटाखा कारोबारियों की लापरवाही से यहां कई बड़े अग्निकांड भी हो चुके हैं। इसमें जानमाल का नुकसान भी यह शहर झेल चुका है। खासकर सोनगिरी कुआं क्षेत्र की घटना को यह शहर अभी तक नहीं भूला है। अवैध पटाखा कारोबार के चलते यह घटना हुई थी। वैध लाइसेंस के बावजूद फड़बाजार क्षेत्र में अग्निकांड हो चुका है। हालांकि यहां आग लगने के कुछ अन्य कारण बताए जा रहे हैं, लेकिन नुकसान तो हुआ ही। ऐसे में सुरक्षा के मद्देनजर पटाखा दुकानों को घनी आबादी क्षेत्र से दूर स्थानों पर स्थानान्तरित क्यों नहीं किया जा रहा है। यदि समय रहते इन्हें कहीं और सिफ्ट कर दिया जाए तो बड़े नुकसान से बचा जा सकता है। हालांकि वर्ष 2013 में तत्कालीन राज्य सरकार ने आतिषबाजी व्यावसायिक योजना के तहत बीकानेर के षिवबाडी क्षेत्र में नगर विकास न्यास ़द्वारा आतिष मार्केट आवन्टित किया गया था। उस दौरान उस मार्केट में फायर वक्र्स व्यापारियों को लाॅटरी द्वारा दुकाने भी आवन्टित कर दी गई थी, लेकिन उन भूखंडों का भौतिक कब्जा व्यापारियों को आज तक नहीं मिला। बीकानेर फायर वक्र्स एसोसिएषन लम्बे समय से आतिष मार्केट में भूखंडों का भौतिक कब्जा दिलाने को लेकर संघर्षरत है, लेकिन सात साल बाद अभी तक व्यापारियों को दुकानों का कब्जा नहीं मिला।
39 भूखंडों मालिकों को है कब्जे का इंतजार
जानकारी के अनुसार वर्ष 2013 में नगर विकास न्यास ने 80 भूखंडों में 39 आवेदकों को लाॅटरी के जरिए भूखंडों का आवंटन कर दिया था। इनमें 10 गुणा 20 वर्गफुट साइज के भूखंडों के 50 हजार रूपए तथा 15 गुणा 25 वर्गफुट साइज के भूखंडों के एक लाख रूपए आवेदकों ने न्यास को जमा करवाए थे। सात साल से पटाखा कारोबारियों के लाखों रूपए पर कंुडली मार कर बैठा न्यास आज तक भूखंडों का भौतिक कब्जा नहीं दे पाया है। इन पटाखा कारोबारियों को कब्जा दिलवाने को लेकर बीकानेर जिला उद्योग संघ व बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल भी प्रयासरत रहे है।
आतिष मार्केट के ये हांेगे फायदे
आतिष मार्केट का संचालन शुरू होने से उपभोक्ताओं को अपनी पसंद के पटाखे खरीदने के लिए 30-40 दुकानों का आॅप्षन उपलब्ध हो जाएगा। ग्राहकों का वाॅल्यूम बढ़ेगा तो व्यापारियों की सेल का भी वाॅल्यूम बढ़ेगा। ट्रासपोर्टेषन पर सीजन में डायरेक्ट व इनडायरेक्ट फायदें मिलेंगे। ग्राहक को पटाखों की कम्परेटिव स्टडी करने का अवसर उपलब्ध होगा। सुरक्षा की दृष्टि से फायदेमंद रहेगा।
पटाखा बाजार नहीं मिलने से ये होंगे नुकसान
पटाखा कारोबारियों को आतिष मार्केट में भूखंडों का कब्जा नहीं मिलने से वहां कारोबारी गतिविधियां संचालित नहीं हो पा रही है। इससे बड़ा नुकसान यह है कि कारोबारियों का लाखों रूपए वर्षों से न्यास में फंसा पड़ा है। दूसरा यहां का पटाखा बाजार बिखरा हुए रहेगा। इसमें जिन कारोबारियों के पास ग्राहकों की बहुतायात है उसकी ग्रोथ अच्छी है और कुछ सामान्य कारोबारी होते हैं जिनकों दीपावली के अलावा ग्राहक नहीं मिलते। आतिष मार्केट से इन सामान्य कारोबारियों को राहत मिल सकेगी। इस मार्केट के नहीं होने से ग्राहक को विकल्प के अभाव में उपलब्ध माल ही खरीदने को विवष होना पड़ेगा। जबकि आतिष मार्केट में उसे कई आॅप्षन मिलेंगे।
ये सुविधा भी मिले
कारोबारियों का कहना है कि आतिष बाजार में भूखंडों के कब्जे मिलने के साथ ही वहां बिजली एवं पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता मिलनी चाहिए। इसके अलावा सुचारू ट्रांसपोर्टेषन के लिए दमदार चैड़ी चैड़ी सड़कें होनी चाहिए। वहीं सुरक्षा के लिहाज से सुविधाजनक दूरी पर फायर स्टेषन की उपलब्धता हो।
इनका कहना है-
हाल ही में हमारे संगठन ने ऊर्जा मंत्री बी डी कल्ला एवं जिला कलक्टर को आतिषबाजी मार्केट में भूखण्ड़ों का भौतिक कब्जा दिलाने को लेकर ज्ञापन सौंपा। देखते हैं सरकार कब तक निर्णय करती है। हम तो सात साल से इंतजार कर रहे हैं।

लूणकरन सेठिया, अध्यक्ष, बीकानेर फायर वक्र्स एसोसिएषन
बीकानेर के षिवबाडी क्षेत्र में वर्ष 2013 में नगर विकास न्यास ़द्वारा आतिषबाजी मार्केट में 39 फायर वक्र्स व्यापारियों को लाॅटरी द्वारा दुकाने आवन्टित की गई थी, लेकिन आज तक दुकानों का कब्जा नहीं मिला। एसोसिएषन द्वारा न्यास अधिकारियों से इस संबंध में बातचीत कर प्रयास भी किए गए। परन्तु कब्जा नहीं मिल सका। आतिष मार्केट मिलने से ग्राहको को काफी विकल्प मिल जाएंगे तथा कारोबारियों के सेल का वाॅल्यूम भी बढ़ जाएगा।

वीरेन्द्र किराडू, सचिव, बीकानेर फायर वक्र्स एसोसिएषन

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