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बीकानेर में डेयरी विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी महाविद्यालय खोलने की स्वीकृति जारी

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जयपुर, 4 जून। मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के फलस्वरूप राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, बीकानेर के संघटक महाविद्यालय के रूप में बीकानेर में डेयरी विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी महाविद्यालय तथा जयपुर के बस्सी में डेयरी एवं खाद्य प्रौद्यौगिकी महाविद्यालय खोले जाने की स्वीकृति के सम्बन्ध में आदेश जारी किये हैं।

कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्री लालचन्द कटारिया ने यह जानकारी देते हुए बताया कि महाविद्यालय की स्थापना के लिए प्रथम वर्ष में शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक संवर्ग के 27-27 पदों सहित कुल 54 पदों की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। विश्वविद्यालय की ओर से स्वीकृत नवीन पदों पर भर्ती विश्वविद्यालय के सेवा नियमों, आईसीएआर नॉर्मस के अनुसार कार्मिक विभाग द्वारा समय-समय पर जारी आरक्षण नियमों की पूर्ण पालना करते हुए की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि जब तक नियमित सेवा से पद नहीं भर जाते तब तक के लिए महाविद्यालय प्रारम्भ करने के लिए शैक्षणिक पदों को गैस्ट फैकल्टी, यूटीबी बेसिस पर भरा जा सकेगा एवं अशैक्षणिक पदों पर सेवायें सेवानिवृत्त कार्मिक, आऊट सोर्सिंग एजेन्सी के माध्यम से प्राप्त की जा सकेगी।

पशुपालन विभाग की शासन सचिव डॉ. आरुषि मलिक ने बताया कि आज के दौर में मूल्य संवर्धित प्रसंस्करण के कारण दूध का व्यापार एक आकर्षक व्यवसाय हो गया है। उन्होंने बताया कि राजस्थान राज्य दुग्ध उत्पादन की दृष्टि से देश में दूसरे स्थान पर है, जबकि राज्य में एक मात्र डेयरी विज्ञान महाविद्यालय, उदयपुर में स्थापित है। उन्होंने बताया कि राजस्थान ऎसा प्रदेश है जहां दुग्ध का उत्पादन अधिशेष (सरप्लस) है। इस अधिशेष दुग्ध उत्पादन का प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन कर विभिन्न उत्पादों के रूप में उपलब्ध कराये जाने की आवश्यकता है ताकि उत्पादक को उचित मूल्य मिल सके व उपभोक्ता की आवश्यकता की पूर्ति हो सकें।

उन्होंने बताया कि दूध उत्पादन, मूल्य संवर्धन, दूध प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट एवं वितरण आदि तमाम गतिविधियों के लिए डेयरी टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में शिक्षित व्यक्तियों की बढ़ती मांग एवं स्वरोजगार की दृष्टि से बीकानेर में डेयरी विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी तथा जयपुर के बस्सी में डेयरी एवं खाद्य प्रौद्यौगिकी महाविद्यालय खोले जाने का निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया गया है।
डॉ. मलिक ने बताया कि जब तक महाविद्यालय भवन का निर्माण नहीं हो जाता है, तब तक अस्थायी रूप से डेयरी विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी महाविद्यालय के लिए राजुवास, बीकानेर के परिसर में उपलब्ध भवनों एवं बस्सी (जयपुर) में डेयरी एवं खाद्य प्रौद्यौगिकी महाविद्यालय के लिए पशुधन सहायक प्रशिक्षण केन्द्र, बस्सी परिसर में उपलब्ध भवन का उपयोग किया जा सकेगा।

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