विरोध चढ़ा परवान, पीड़ित को न्याय दिलवाने के लिए एक बड़े जन आंदोलन की हो रही तैयारी
पवन शर्मा प्रकरण : 24 मार्च गुरुवार को मोकलसर पहुंचने का हो रहा आह्वान


बीकानेर । पिछले महीने 6 फरवरी को बीकानेर जिले के लूणकरणसर तहसील के चकजोड गांव के पवन शर्मा पुत्र चंदूराम शर्मा का कार्य के दौरान यहां कि एक रोड व टॉल प्लाजा चलाने वाली कंपनी में कार्य करते हुए कंपनी की गाड़ी में एक्सीडेंट में घटनास्थल पर ही रात 8.30 बजे मृत्यु हो गई थी। इस संबंध में पवन के भाई वेदपाल ने महाजन थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। बामनवाली के सम्पत सारस्वत ने इस संबंध में प्रेस नोट जारी कर बताया कि पवन की मृत्यु के बाद कंपनी द्वारा इस मामले को सुबह तक छुपाया गया और परिजनों को नही बताया, सुबह परिजनों को बताकर शव देकर कंपनी के लोग रफूचक्कर हो गए और फिर एक महीने तक परिवार के लोगो की सुध नहीं ली, परिवार के लोगो द्वारा किसी भी प्रकार के मुआवजे या सहयोग का कहने पर कंपनी के लोगो द्वारा डराया गया तथा मामले में पवन शर्मा के स्थाई कर्मचारी ना होने का बहाना बनाकर घरवालों को भगा दिया तथा स्थानीय कंपनी के सुपरवाइजर व अन्य लोगो को द्वारा परिजनों को कहा गया कि तुम कंपनी की बराबरी नहीं कर सकते इसलिए इस मामले में चुप रहो तो ही बढ़िया है पीड़ित परिवार ने जगह जगह न्याय की गुहार लगाई.
पहले भी इस तरह के कृत्य में लिप्त है कंपनी
विदित रहे कि बीकानेर से लेकर सूरतगढ़ तक कंपनी के तीन टॉल प्लाजा (राजियासर, हरियासार व खारा बीकानेर) है तथा पुल निर्माण का कार्य इस रास्ते में चल रहा है कंपनी द्वारा किसी भी प्रकार की सुरक्षा किसी कर्मचारी के लिए नहीं है और ना ही मुसीबत में सहयोग या मुआवजे की कोई योजना, गत वर्षों में दर्जनों ऐसे वाकिये हुए जिसमे कर्मचारी स्थानीय नही होने की वजह से कर्मचारी इस कंपनी की भेंट तो चढ़े, मृत्यु हो गई, अपंग हो गए पर कंपनी ने न्याय के नाम पर केवल लोलीपॉप ही दिया, इसी कारण कंपनी स्थानीय लोगों को नौकरी नहीं देती है जबकि सर्वोच्च न्यायालय के 2020 के फैसले में साफ साफ कहा गया है कि किसी भी कंपनी को स्थानीय 30% कम से कम रोजगार देना होगा बावजूद उसके इस तरह की कंपनियां सरेआम ऐसे फैसलों की धज्जियां उड़ाती हुई आपको दिख जायेगी।
एक बड़े जन आंदोलन का हो रहा आह्वान
24 मार्च गुरुवार को स्थानीय लोगो ने अक्रोशित होकर बहुत बड़े आंदोलन का आव्हान किया है और सबसे पहले मोकलसर कंपनी के कैंप में इक्कठे होकर फिर टॉल प्लाजा को अनिश्चितकालीन बंद करने का आव्हान किया है जिसमे लोगो को सोशल मीडिया के साथ साथ अलग अलग टुकड़ियों में टीमें बनाकर गांव के लोगो को और आसपास के लोगो को जागरूक किया जा रहा है न्याय के लिए पीड़ित परिवार के साथ हर आम आदमी साथ आता नजर आ रहा है।
ये सब संगठन आ रहे है साथ
विप्र सेना के मुखिया सुनील तिवारी, डॉ विवेक माचरा, सम्पत सारस्वत बामनवाली, दिनेश सारस्वत मलकीसर, मोहित सोनी लावट, सर्वेश पांडे, दिनेश राणेजा तथा स्थानीय जन प्रतिनिधि में प्रभुदयाल सारस्वत, महेंद्र सारस्वत, साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता में रघुवीर सिंह शेखावत, भंवर विक्रम राठौड़, शीशपाल ओझाइया, ऋषि ओझा, गोविंद ओझा ने इस अन्याय के खिलाफ की लड़ाई में अपनी पूरी ताकत लगा दी है और ज्यादा से ज्यादा लोगो को इस आंदोलन से जुड़ने की अपील की है।