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प्रदेश के सात लाख कर्मचारी आंदोलन की राह पर

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– अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत ने मुख्यमंत्री को सौंपा 27 सूत्रीय मांग पत्र

बीकानेर। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के प्रदेशाध्यक्ष केसर सिंह चंपावत ने अवगत कराया कि माननीय मुख्यमंत्री जी अशोक गहलोत को 27 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया है, पर अगर शीघ्र ही निर्णय नहीं लिया जाता है तो प्रदेश भर के सात लाख राज्य कर्मचारी आंदोलन पर होंगे। केसर सिंह चंपावत ने बताया कि संघ की प्रमुख 27 मांगे हैं जिसमें आर्थिक रूप से शोषित जनता जल योजना कर्मी, पंचायत सहायक, एनआरएचएम कर्मी, वन मित्र, कृषि मित्र, पैरा टीचर, मदरसा पैराटीचर, शिक्षाकर्मी, चिकित्सा कर्मी, लोक जुंबिश कर्मचारी, नरेगा कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता , आशा सहयोगिनी, कंप्यूटर ऑपरेटर,जन स्वास्थ्य अभियंत्रिकी विभाग के जल जीवन मिशन में कार्यरत सलाहकार,अभियंत्रकी महाविद्यालयों एव अशैक्षणिक कर्मचारी , वार्षिक निविदा/ संविदा आधार पर वर्षों से कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, लिपिक सफाई कर्मी तकनीकी कर्मचारी, कंप्यूटर कर्मी रोजगार सहायक मनरेगा कर्मी, कुक कम हेल्पर‌ रसोईया, वार्डन, कस्तूरबा गांधी विद्यालय की अध्यापिका इत्यादि समस्त कार्मिकों को नियमितीकरण हेतु नीति निर्धारण की जाकर इन्हें नियमित किया जाए।नियमित होने तक समान कार्य समान वेतन मान का नियम लागू किया जाए। संविदा/मानदेय कर्मी/निविदा कर्मी का मानदेय मिनिमम वेजेस/ मिनिमम पे को आधार मानकर तय किया जावे एवं पैरा टीचर मदरसा पैरा टीचर्स एवं अन्य को न्यायालय निर्णय अनुरूप समान काम के लिए समान वेतन लागू किया जाए। साथ ही शिक्षाकर्मियों की रोकी गई 2005 की सुविधाओं को लागू किया जाए। सभी संवर्ग‌ में नियमित करते समय संविदा सेवा के अनुभव सातवां वेतनमान लागू करते समय छठे वेतनमान की अनुसूची पंचम के संशोधन ग्रेड पे कटौती को वापस लिया जाए। साथ ही लेवल 9, ए, 9वी, 10, 10ए को विलोपित/समायोजित करते हुए एसीपी का लाभ दिया जाए तथा 30 10 17 एवं 22.6. 2017 के नोटिफिकेशन द्वारा 57 2013 की अधिसूचना रद्द की गई है उसे वापस लिया जाए। जिससे अल्प वेतनभोगी अधीनस्थ कर्मचारियों को नुकसान से बचाया जा सके। कनिष्ठ सहायक का ग्रेड पे 3600 या मंत्रालयक कर्मचारियों को सचिवालय पैटर्न किया जावे राजस्थान कनिष्ठ अभियंता का वेतनमान पंजाब उत्तराखंड आदि की तरह ग्रेड पे 4800 जावे। ग्रामीण क्षेत्रों वाले सभी सेवारत शिक्षक/कर्मचारीयों को सम्मान मकानकिराया भत्ता/शहरी भत्ता दिया जावे।सभी विभागों के वर्क चार्ज कर्मचारियों का नवीनीकरण करते हुए इन्हें नियमित करते हुए सभी संवर्गमें पदोन्नति की जावे। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग मैं वंचित योग्यताधारी तकनीकी कर्मचारियों को स्टोर मुंशी बनाया जावे।सेवा से पृथक किए गए संविदा कार्मिकों, कंप्यूटर ऑपरेटर, अनुदेशक, प्रेरक, विद्यार्थी मित्र को पुनः रोजगार उपलब्ध कराने हेतु विधि संवत लिया जावे आदि 27 सूत्रीय मांगों का पत्र मुख्यमंत्री जी को भेजा है ।शुक्रवार को रमेश चंद्र उपाध्याय पीएचडी तकनीकी जिला अध्यक्ष के कार्यालय में संघ की मीटिंग का आयोजन किया गया जिसमें प्रदेश उपाध्यक्ष भंवर पुरोहित ने बताया कि, उक्त मांगे सरकार द्वारा जल्द नहीं माने जाने पर , राज्य के 700000 कर्मचारी सड़कों पर आंदोलनरत होंगे। बैठक में मनीष विधानी, अजय पाल सिंह , गौरीशंकर देवड़ा, राजेंद्र गुर्जर, जितेंद्र गहलोत आदि शामिल हुए।

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