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रसायन ज्ञान गंगा कार्यक्रम: पहली बार हुई वर्चअुल लैब विजीट में साइंस के प्रयोगों का आनलाइन लाइव डिमोस्ट्रेशन Chem Gyan Ganga Program: Online Live Demonstration of Science Experiments for the first time in Virtual Lab Visit

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बीकानेर। राजकीय डूंगर महाविद्यालय, बीकानेर के रसायनशास्त्र विभाग में जारी शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला ज्ञान गंगा कार्यक्रम के द्वौरान वर्चअुल लैब विजीट का नवाचार किया गया है इस क्रम में तीन वर्चअुल विजीट करवाई गई। जसवन्त भाटी के नेतृत्व में लोट्स डेयरी (मोदी डेयरी) के प्लान्ट एवं क्वालिटी कन्ट्रोल लैब की विजिट करवाई गई जहां प्रतिभागियों ने दूध की क्वालिटी मोनिटरिंग के विभिन्न पैरामीटर का आनलाइन लाइव डिमोस्ट्रेशन किया गया। इसके अतिरिक्त कैटल फील्ड रिसर्च सेंटर के एस.पी. पुरोहित के नेतृत्व में नीलम भाटी एवं सोना मिढ्ढा ने प्रोटीन विश्लैषण, डबल डिस्टीलेशन, फाइबर विश्लेषण लाइव सेशन में करके दिखाया। लैब विजीट के क्रम में सेरेमिक्स रिसर्च सेंटर की प्रयोगशाला में डाॅ. प्रकाश सिंह एवं डाॅ. विश्वास आचार्य के मार्गदर्शन में सेरेमिक्स एवं पतली परतों के बनाने के उपकरणों एवं विधियों का सजीव प्रदर्शन किया गया। प्राचार्य डाॅ. जी.पी. सिंह सहित सभी संकाय सदस्यों ने इस उपलब्धि के लिए मोदी डेयरी, सेरेमिक्स रिसर्च सेंटर, कैटल फील्ड रिसर्च सेंटर व ग्रीन कैमिस्ट्री रिसर्च सेंटर पूरी टीम को बधाई प्रेषित की है।
राज्य स्तरीय द्वितीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला के दूसरे सत्र में एम.जी.एस.यू के डाॅ. गौतम कुमार मेघवंशी ने एन्जाईम निष्कर्षण तकनीक एवं एन्जाईमों द्वारा बायोडीजल निर्माण के विधि को बताया। सिरोही के डाॅ. अजय शर्मा सिरोही माउंट आबू क्षेत्र में सोलर तकनीक के उपयोग एवं पानी की गुणवत्ता पर प्रकाश डाला। जीसीआरसी के डाॅ. नरेन्द्र भोजक ने आभासी एवं वर्तिक तकनीकों के इस्तेमाल से आधुनिकतम प्रयोग करके दर्शायें। तीसरे सत्र मे केन्द्रीय विश्वविद्यालय राजस्थान के डाॅ. श्रीनिवासन ईश्वर ने उच्च स्तरीय तकनीकों द्वारा एम.बी.एच रासायनिक अभिक्रिया के उपयोगों के बारे में बताया। अमेटो विश्वविद्यालय के डाॅ. विवके मिश्रा ने क्लिक कैमिस्ट्री के सिद्धान्तों एवं उपयोगों के बारे में पावर पाइन्ट द्वारा प्रदर्शन किया। ईसीबी के डाॅ. प्रवीण पुरोहित ने बायोडीजल निर्माण विधि को समझाया। जी.सी.आर.सी के डाॅ. सुरेश वर्मा ने वर्चुअल लैब की स्थापना, जे मोल, साफ्टवेयर एवं मोबाइल व लैपटाॅप में रसायन के निर्माण विधि को सरलता से बताया। चतुर्थ सत्र में जेएनवी विश्वविद्यालय, जयपुर के प्रोफेसर पीके शर्मा ने पर्यावरण रक्षण के रसायन की व्याख्या की कोटा की डाॅ. विजय देवड़ा ने ग्रीन नैनोबायो टैक्नोलोजी पर चर्चा की साथ ही लर्निंग बाइ डूंईंग द्वारा रसायनशास्त्र के प्रयोगों को डाॅ. रवीन्द्र मंगल ने करके दर्शाया। जी.सी.आर.सी के डाॅ एच.एस. भंडारी आयोजन सचिव डाॅ. एस.के. वर्मा ने बताया कि प्रथम बार वर्चुअल लैब टूर करवाने का नवाचार किया गया जिसे अत्याधिक सराहा गया।

#Science #Experiments #Virtual #LabVisit

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