गर्मियों से पहले पेयजल व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश, जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा
बीकानेर। जल जीवन मिशन के तहत जिले में चल रहे कार्यों की समीक्षा बैठक मंगलवार को जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई। बैठक में मिशन के तहत प्रगतिरत योजनाओं, आगामी ग्रीष्मकाल की पेयजल व्यवस्था तथा विभिन्न कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।

अधीक्षण अभियंता एवं सदस्य सचिव, जिला जल एवं स्वच्छता मिशन राजेश पूनिया ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले में स्वीकृत 170 योजनाओं के तहत 350 गांवों में कार्य चल रहे हैं। इनमें से 110 योजनाओं के 166 गांवों में कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। परियोजना खंड के अधिशाषी अभियंता ने बताया कि 4 योजनाओं के 221 गांवों में कार्य जारी है तथा 2 योजनाओं के 124 गांवों में कार्य पूर्ण किया जा चुका है।
बैठक में जानकारी दी गई कि आगामी ग्रीष्मकाल 2026 में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था सुचारू रखने के लिए 23 कार्यों हेतु 698 लाख रुपये के प्रस्ताव स्वीकृत किए जा चुके हैं। ग्रामीण विकास विभाग से प्राप्त 713 नल जल मित्रों की सूची का अनुमोदन भी बैठक में किया गया।
जल जीवन मिशन योजनाओं के संचालन के लिए आगामी वर्ष हेतु 25 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है। इसके तहत आवश्यकतानुसार प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएंगे। जिले की 24 ग्राम पंचायतों के 48 गांव जल सेवा आकलन के लिए चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 26 गांवों का आकलन पूरा हो चुका है।
जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नहर बंदी से पहले सभी गांवों में उपलब्ध भंडारण स्रोतों को पूर्ण क्षमता तक भर लिया जाए, ताकि गर्मी के दौरान जलापूर्ति प्रभावित न हो। नहर बंदी को देखते हुए 910 लाख रुपये के कार्य प्रस्तावित किए गए हैं। समर कंटीजेंसी के तहत लूणकरनसर, नोखा, खाजूवाला, श्रीडूंगरगढ़ और नापासर की शहरी जल योजनाओं के लिए 218.14 लाख रुपये तथा ग्रामीण योजनाओं के लिए 697.93 लाख रुपये के कार्य प्रस्तावित हैं।
मुख्य सचिव के निर्देशानुसार ग्रीष्मकाल 2026 के लिए स्वीकृत कार्यों के कार्यादेश 15 मार्च तक जारी किए जाएंगे।
बैठक में बताया गया कि जिले के 300 ग्राम पंचायत भवनों में से 260, 326 स्वास्थ्य केंद्रों में से 298, 60 सामुदायिक केंद्रों में से 50, 49 आश्रमशालाओं में से 44, 36 सामुदायिक शौचालयों के सभी भवन तथा 51 सरकारी भवनों में से 49 को नल जल कनेक्शन से जोड़ा जा चुका है। शेष संस्थानों को भी शीघ्र जोड़ने के निर्देश दिए गए।
इसी प्रकार 2477 ग्रामीण राजकीय विद्यालयों में से 2158 तथा 1341 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 1304 को नल जल कनेक्शन से जोड़ा जा चुका है।
हर घर जल के 2,34,973 कनेक्शन के लक्ष्य के विरुद्ध फरवरी 2026 तक 1,34,773 कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं, जो कुल लक्ष्य का 57.35 प्रतिशत है।
जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को उच्च जलाशयों के निर्माण, पाइपलाइन में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता तथा कार्यों की मॉनिटरिंग पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी जलाशय से पानी ओवरफ्लो न हो।
बैठक में अधीक्षण अभियंता जिला वृत्त बीकानेर राजेश पूनिया, अधीक्षण अभियंता नगर वृत्त खेमचंद सिंगारिया, अधिशाषी अभियंता धर्मेंद्र कुमावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

