शिक्षित बालिकाओं से ही विकसित होगा समाज: चंद्रेश हर्ष
जन्मदिन पर सीनियर गर्ल्स स्कूल को डिजिटल बोर्ड, आरओ व इन्वर्टर भेंटचंचल हर्ष परिवार ने निभाया सामाजिक उत्तरदायित्व
बीकानेर। समाजसेवी एवं भामाशाह चंद्रेश हर्ष ने अपने जन्मदिन को बालिका शिक्षा को समर्पित करते हुए एक अनुकरणीय पहल की। अरसन के चौक स्थित बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय (सीनियर गर्ल्स स्कूल) में उन्होंने लगभग ढाई लाख रुपये मूल्य के आधुनिक डिजिटल बोर्ड, शुद्ध पेयजल हेतु आरओ सिस्टम तथा उच्च गुणवत्ता का इन्वर्टर विद्यालय को भेंट किया।


इस अवसर पर भामाशाह चंद्रेश हर्ष ने कहा कि समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है जब बालिकाएं शिक्षित हों। एक शिक्षित बालिका पहले परिवार और फिर पूरे समाज को आगे बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में कुछ संसाधनों की आवश्यकता महसूस हुई, इसलिए आधुनिक तकनीक से युक्त डिजिटल बोर्ड प्रदान किया गया, जिससे छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
उन्होंने बताया कि यह कार्य उनके पिता स्व. चंचल हर्ष की प्रेरणा का परिणाम है। उन्हीं के संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए सरकारी विद्यालय से इस सामाजिक पहल की शुरुआत की गई है, जो भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी।
विद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव पुरोहित ने कहा कि सरकारी विद्यालय भी समाज का अभिन्न अंग हैं। चंद्रेश हर्ष द्वारा निभाया गया यह सामाजिक दायित्व सराहनीय है, जिसके लिए विद्यालय परिवार उनका आभारी है।
उप जिला शिक्षा अधिकारी (शारीरिक शिक्षा) अनिल बोड़ा ने कहा कि समाज के सहयोग के बिना कोई भी शैक्षिक प्रयास पूर्ण नहीं हो सकता। चंद्रेश हर्ष समय-समय पर समाजोपयोगी कार्य करते रहते हैं। बालिका शिक्षा के लिए दिए गए ये आधुनिक संसाधन लंबे समय तक याद रखे जाएंगे।
पूर्व जनसंपर्क उप निदेशक विकास हर्ष ने कहा कि उनके पिता स्व. चंचल हर्ष सदैव समाजसेवा के लिए प्रेरित करते थे और उन्हीं की प्रेरणा से आज यह कार्य संभव हो पाया है।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की पूजा-अर्चना से हुई, जिसकी समुचित व्यवस्था शारीरिक शिक्षक हर्षवर्धन हर्ष ने विद्यालय स्टाफ के सहयोग से की। कार्यक्रम का संचालन शिवकुमार व्यास ने किया।
इस अवसर पर करणीदान हर्ष, बलदेव व्यास, श्रीकिशन हर्ष, प्रसिद्ध उद्घोषक रविन्द्र हर्ष सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय की सभी छात्राओं को चंचल हर्ष परिवार की ओर से बिस्कुट व टॉफी के पैकेट वितरित किए गए। बच्चियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।

