लैब से बाजार तक… सीरी की टेक्नोलॉजी उड़ान

पिलानी। डीएसआईआर स्थापना दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में सीएसआईआर–केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर–सीरी), पिलानी द्वारा विकसित चार स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तथा एक उत्पाद के लोकार्पण का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय सूद, सीएसआईआर की महानिदेशक एवं डीएसआईआर सचिव डॉ. एन. कलैसेल्वी तथा सीएसआईआर–सीरी के निदेशक डॉ. पी.सी. पंचारिया की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर डीएसआईआर–सीएसआईआर परिवार के वैज्ञानिकों सहित अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे।
इस दौरान सीएसआईआर–सीरी द्वारा विकसित एआई-सक्षम पुनः उपयोग योग्य वाइटल्स मॉनिटरिंग पैच, एन्डो ट्राई फ्लो उन्नत फ्लूड मैनेजमेंट सिस्टम, दूध की गुणवत्ता के त्वरित एवं विश्वसनीय परीक्षण हेतु एमबीआरटी एनालाइज़र तथा पीएक्स4 आधारित ड्रोन फ्लाइट कंट्रोलर का प्रौद्योगिकी हस्तांतरण किया गया। ये प्रौद्योगिकियाँ स्वास्थ्य, सर्जरी, डेयरी और ड्रोन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उपयोगी होंगी।
इसके साथ ही जल जीवन मिशन के अनुरूप विकसित आईओटी-सक्षम, फील्ड-डिप्लॉयबल डिजिटल जल गुणवत्ता परीक्षण किट ‘जल प्रयोगशाला’ का भी लोकार्पण किया गया। यह किट वास्तविक समय में जल गुणवत्ता की निगरानी में सहायक सिद्ध होगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सीएसआईआर–सीरी के निदेशक डॉ. पी.सी. पंचारिया एवं उनकी टीम की सराहना की और प्रौद्योगिकियों को उद्योगों के माध्यम से बाजार तक पहुंचाने की ‘लैब-टू-मार्केट’ पहल को महत्वपूर्ण बताया।
इनका कहना है –
संस्थान द्वारा विकसित ये प्रौद्योगिकियाँ ‘लैब से मार्केट’ की अवधारणा को साकार करती हैं तथा स्वास्थ्य, जल, कृषि-डेयरी और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत बनाती हैं। उद्योगों के साथ यह सहयोग ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन की दिशा में ठोस कदम है।
- डॉ. पी.सी. पंचारिया, निदेशक, सीएसआईआर–सीरी

