हीरा आधारित सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला स्थापित करने पर करें विचार
सीरी जयपुर परिसर में अत्याधुनिक शोध सुविधाओं एवं प्रयोगशालाओं का शुभारंभ
सीएसआईआर महानिदेशक डॉ कलैसेल्वी ने सीरी जयपुर परिसर का दौरा किया
जयपुर। सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. (श्रीमती) एन. कलैसेल्वी, सचिव, डीएसआईआर, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार ने सीएसआईआर-सीईईआरआई(सीरी), जयपुर परिसर का दौरा किया। परस्पर चर्चा के दौरान डॉ कलैसेल्वी ने सीरी के निदेशक डॉ. पी सी पंचारिया से हीरा आधारित सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला स्थापित करने पर विचार करने का आग्रह किया, जो भविष्य के सेमीकंडक्टर उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस अवसर पर महानिदेशक सीएसआईआर ने परिसर में बनाई गई विभिन्न परीक्षण और उत्पादन सुविधाओं का उद्घाटन किया जिनमें एएमटीपी सेमीकंडक्टर सुविधाएं, सोलर ग्रिड टाइड इन्वर्टर परीक्षण सुविधा, एनएबीएल मान्यता प्राप्त कैलिब्रेशन प्रयोगशाला और आंतरिक सुरक्षा परीक्षण सुविधा शामिल हैं। गौरतलब है कि ये सुविधाएं परियोजना संबंधी विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करने वाले इन-हाउस उत्पाद विकास के लिए ये बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने जयपुर परिसर में उपलब्ध शोध सुविधाओं एवं प्रयोगशालाओं की सराहना करते हुए डॉ पंचारिया को शुभकामना दी। यह भी उल्लेखनीय है कि जयपुर परिसर में ये शोध सुविधाएं डीएसआईआर-सीआरटीडीएच कार्यक्रम के तहत वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) जैसी विभिन्न फंडिंग एजेंसियों के सहयोग से स्थापित की गई हैं।
इससे पूर्व डॉ. पी. सी. पंचारिया, निदेशक, सीएसआईआर-सीरी ने जयपुर परिसर पहुँचने पर डॉ एन कलैसेल्वी का स्वागत किया और परिसर में कार्यरत सभी कर्मचारियों का औपचारिक परिचय कराया। डॉ कलैसेल्वी से चर्चा करते हुए डॉ. पंचारिया ने विभिन्न सेमीकंडक्टर डिवाइस (आईसी) और सीएसआईआर-सीरी में उन्नत एटीएमपी सेमीकंडक्टर सुविधाओं की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ये सुविधाएं बैच-स्तरीय सेमीकंडक्टर युक्तियों के विकास में मदद करेंगी, इस प्रकार उद्योगों को एंड-टू-एंड अर्थात संपूर्ण समाधान प्रदान करेंगी।
इस अवसर पर उद्योग एवं अकादमिक जगत के प्रतिनिधियों तथा अन्य विविध क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का भी आयोजन किया गया जिसमें राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर अल्पना कटेजा; वरिष्ठ आईएएस वी. सरवण कुमार, सचिव, डीएसटी, राजस्थान; डॉ. मेघेंद्र शर्मा, सचिव, विज्ञान भारती – राजस्थान एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने प्रतिभागिता की।
बैठक में सीएसआईआर द्वारा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के माध्यम से राजस्थान में वैज्ञानिक नवाचार और प्रगति को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। इसके अलावा बैठक में मुख्य रूप से सीएसआईआर प्रयोगशालाओं को राजस्थान में ‘सेन्टर ऑफ एक्सिलेन्स’ के रूप में स्थापित करने पर भी चर्चा की गई। डॉ. कलैसेल्वी ने इलेक्ट्रॉनिक्स और संबद्ध उद्योग के विकास को बढ़ावा देने में जयपुर परिसर में स्थापित महत्वपूर्ण अत्याधुनिक सुविधाओं के महत्व को रेखांकित किया और इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति को प्रेरित करने के लिए सीएसआईआर की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
सीएसआईआर-सीरी के जयपुर परिसर में स्थापित शोध सुविधाएँ और बैठक के दौरान हुई ठोस चर्चा राजस्थान और देश भर में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार को आगे बढ़ाने के प्रति सीएसआईआर के समर्पण और दृष्टिकोण को दर्शाती है। सीएसआईआर सामाजिक हित के लिए अपने सहयोगात्मक प्रयासों और रणनीतिक पहल के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक प्रगति और तकनीकी प्रगति को आगे बढ़ाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।