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बीकानेर में बारिश को लेकर मौसम केन्द्र ने बताया अगले 4 दिन का पूर्वानुमान

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बीकानेर । बीछवाल स्थित मौसम केन्द्र के अनुसार बीकानेर में आने वाले दिनों में दिन व रात के तापमान में बढ़ोतरी होने मध्यम आपेक्षिक आर्द्रता के साथ तेज गति की हवाएँ चलने और घने बादल छाए रहने के साथ अच्छी वर्षा होने की संभावना है। मौसम केन्द्र ने बीकानेर में आज 9 मिलीमीटर बारिश होने की संभावना जताई है। वहीं अगले दिन रविवार को 21 एम एम, सोमवार को 34 एम एम बारिश होने का पूर्वानुमान हैं। वहीं मंगलवार को घने बादल छाए रहने की उम्मीद है, लेकिन बरसात होने की संभावना नहीं है। केंद्र की किसानों को सलाह 👇

खरपतवार एवं कीट व्याधियों के प्रकोप के लिए नियमित रूप से खेत का भ्रमण करते रहे।

मौसम के साफ होते ही (धूप निकलते ही) खेतों में निराई-गुड़ाई करें जिसमे पौधों की जड़ों तक वायु परिसंचरण हो सके। वर्तमान और आने वाले दिनो की मौसम की परिस्थितियों के कारण मूँगफली की फसल में सफेद लट के प्रकोप की संभावना है। अतः किमान भाई सफेद लट विशेषकर वयस्क / भृंगों के नियंत्रण के लिए फेरोमोन ट्रेप प्रकाश पाश आदि का प्रयोग करें।

अगेती बुवाई वाली ग्वार की फसल में वर्तमान और आने वाले दिनो की मौसम की परिस्थितियों के कारण रस चुसने वाले कीड़ो जैसे हरा तेलाए थ्रिप्स आदि का प्रकोप बढ़ सकता है। अगर इन वीटो का आक्रमण हो तो इनकी रोकथाम के लिए किसान भाई आसमान साफ होने पर इमिडाक्लोप्रिड का 300 एम एल प्रति हॅक्टर की दर से छिडकाव करे।

मूँगफली की खड़ी फसल में दीमक की रोकथाम के लिए क्लोरोपायरीफोस नामक दवा को 25 ली/ है की दर से वर्षा होने के साथ या सिंचाई पानी के साथ मिट्टी में

मिलकर खेत में भुरकें। मूँगफली की खड़ी फसल में जड़ गलन रोग की रोकथाम के लिए कार्बेण्डिज्म नामक दवा को 2 किग्रा / है की दर से वर्षा होने के साथ या सिंचाई

पानी के साथ मिट्टी में मिलकर खेत में भुरकें।

वर्षा होने पर चारे वाली फसलो मे यूरिया का छिड़काव करे। आने वाले दिनों में वर्षा होने की संभावना है अतः मूँगफली की फसल में सिंचाई को कुछ समय के लिए स्थगित करे तथा खड़ी फसल ( मूँगफली व चारे वाली फसल) मे किसी भी प्रकार के रसायनो का छिड़काव न करे। .

अधिक बरसात होने की स्थिति में बुवाई किये हुए मूँगफली एवं बाजरा के खेतो में उचित जल निकास की व्यवस्था करे।

बारिश के मौसम में संतुलित हरे चारे के लिए बाजरा व ज्वार के साथ लोबिया व ग्वार के साथ मिलाकर बुवाई करें।

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