आप रूकों तो ये आराम कर लें

बीकानेर। कोरोना के कहर के बीच अपने जीवन को दांव पर लगा कर पूरे शहर की रक्षा में रात दिन जुटे पुलिस, चिकित्सक, अन्य सरकारी कर्मचारी एवं अधिकारी लोकडाउन को सफल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इन दिनों देखने में आ रहा है कि पुलिस एवं चिकित्सक नींद भी कम ले पा रहे हैं। सबसे ज्यादा उन लोगों ने परेषान कर रखा है जो इस लोकडाउन में यह देखने सड़कों पर फर्राटे से बाइक दौड़ा रहे हैं कि शहर में क्या हो रहा है। ऐसे लोगों के पीछे ये थके हारे पुलिसकर्मी भाग रहे हैं, इन्हें समझा रहे हैं कि उनकी एक गलती न केवल स्वयं उनके लिए बल्कि पूरे शहर के लिए घातक हो सकती है। ऐसे लोगों को जरा इन पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवार के बारे में भी सोचना चाहिए। देखने में आ रहा है अभी शहर के गली मोहल्ले यहां तक की काॅलोनियों में भी लोग देर रात तक समूह में बतियाते नजर आएंगे। तो कुछ बेवजह बाइक पर तफरी करते नजर आ जाएंगे। यह भी देखने में आ रहा है कि कुछ बाइक चलाने वाले स्वयं तो मास्क पहने हुए हैं, लेकिन बाइक के आगे बैठाए हुए नन्हे के कोई मास्क नहीं लगा रखा है। जबकि सरकार बार बार कह रही है कि बच्चे एवं बुजुर्गों को बिल्कुल भी बाहर न निकाले। इन सबको पुलिसकर्मी अपने अपने तरीके से समझा रहे हैं और न मानने पर सख्ती भी बरत रहे हैं, लेकिन यदि हम बेवजह बाहर ही नहीं निकले तो इन पुलिस वालों की परेषानी कुछ तो कम हा सकती है। जब ये पुलिसकर्मी बहादुरी से आपको एवं आपके परिवार को बचाने में जुटे हैं, तब क्या आप इनके परिवार के बारे में सोच नहीं सकते। आपको बता दें आज हमने चिकित्साकर्मियों खासकर पुलिसकर्मियों की ऊर्जा को बचा कर रख लिया तो कल आपात स्थिति में ये हमारे ही काम आएगी। वरना जब ये थककर निढाल हो जाएंगे तो हमें कोई नहीं बचा पाएगा। इसलिए आप घरों में रूकेंगे तो ये लोग थोड़ा आराम कर पाएंगे।
जयहिन्द
राजेश रतन व्यास
एडिटर एंड मैनेजिंग डायरेक्टर
द इंडियन डेली

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