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कोविड के समय हुई ऑक्सीजन की कमी के बाद लोगों में पौधरोपण के प्रति आई चेतना- मेहता

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एक पेड़ लगाना एक धर्मशाला खोलने जितना पावन कार्य- डी पी पचीसिया

स्व. सोहनलाल गट्टानी की स्मृति में हुआ वृहद् वृक्षारोपण

बीकानेर । शाना इंटरनेशनल स्कूल, बीकानेर जिला उद्योग संघ एवं जिला माहेश्वरी सभा के संयुक्त तत्वावधान में स्व. सोहन लाल गट्टानी की स्मृति में जयपुर गंगानगर बाईपास पर वृहद् वृक्षारोपण का आयोजन स्वामी विमर्शानंद महाराज, जिला कलक्टर नमित मेहता, पुलिस अधीक्षक प्रीती चंद्रा, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र मंजू नैन गोदारा, वरिष्ठ उद्यमी शशिमोहन मूंधड़ा एवं बाल संत छैल बिहारी महाराज के सान्निध्य में हुआ। वृक्षारोपण करते हुए जिला कलक्टर नमित मेहता ने बताया कि कोविड महामारी के समय हुई ऑक्सीजन की कमी के बाद मानव में वृक्षारोपण के प्रति भरपूर चेतना आई है और यह हमारा सामाजिक दायित्व भी बनता है कि हमें ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाकर पर्यायवरण की रक्षा करनी चाहिए। पुलिस अधीक्षक प्रीती चंद्रा ने इस आयोजन में भाग लेने वाली सभी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए इसे अन्यों के लिए भी प्रेरणादायक बताया। बीकानेर जिला उद्योग संघ के अध्यक्ष द्वारकाप्रसाद पचीसिया ने बताया कि एक पेड़ लगाना एक धर्मशाला खोलने जितना पावन कार्य है और पेड़ लगाने के साथ एक बच्चे की तरह पेड़ का पालन पोषण होना भी जरूरी है। आज इसी क्रम में 750 पेड़ एवं पौधों का रोपण हुआ है और आगे भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। स्वामी विमर्शानंद गिरी महाराज ने बताया कि पर्यायवरण संरक्षण के तहत किया गया पुनीत कार्य युगों युगों तक अमर हो जाता है। जिला माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष ओमप्रकाश करनानी ने बताया कि स्व. सोहनलाल गट्टानी भी एक पर्यायवरण प्रेमी के रूप में एक जाने माने हस्ताक्षर थे और उनकी स्मृति में पेड़ लगाना उनको एक सच्ची श्रद्धांजली होगी। विवाद एवं शिकायत निवारण समिति सदस्य रमेश अग्रवाल ने बताया कि शाना इंटरनेश्नल स्कूल का वातावरण तपोभूमि जैसा ही है और तपोभूमि में पौधारोपण करना किसी धार्मिक आहुति से कम नहीं है। इस अवसर पर शाना इंटरनेशनल स्कूल के रामचंद्रा, मेमोरी गुरु कमलेश चंद्रा, प्रिंसिपल पुष्पलता झा, सीमा गट्टानी, सुमन अग्रवाल, महेंद्र गट्टानी, कन्हैयालाल लखाणी, अनंतवीर जैन, नरेश मित्तल, वीरेंद्र किराड़ू, विनोद जोशी, विमल दम्माणी, आदर्श शर्मा, पुनीत शर्मा, अशोक चांडक, सुरेश पेडिवाल, जुगल राठी, श्रीराम सिंघी, तोलाराम पेडिवाल, भतमाल पेडिवाल, शिवरतन पुरोहित, विजय थिरानी, अश्विनी पचीसिया, अशोक धारनिया, दिलीप रंगा, बालकिशन थिरानी, किशन मूंधडा, राजाराम सारड़ा, रूपकिशोर, नवरतन, शिवलाल धामू, पवन पचीसिया, विपिन मुसरफ, सुरेश राठी, अभिमन्यु जाजडा, लोकेश प्रजापत, राजू सारस्वत आदि उपस्थित हुए। कार्यक्रम के अंत में शाला परिवार द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया।

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